“बदनाम करने की कोशिश” : अदाणी ग्रुप पर FT-OCCRP-सोरोस रिपोर्ट को लेकर सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी
सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी (Mahesh Jethmalani) ने अदाणी समूह को लेकर ‘फ़ाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट को भारतीय इकॉनॉमी को कमजोर करने की साजिश बताया है. एनडीटीवी के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारी इकॉनॉमी को डिस्टर्ब करने की कोशिश है. अस्थिरता लाने की बात है. अदाणी ग्रुप को एक बहुत सीरियस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से क्लीन चिट मिली है. अब दुबारा झूठ फैलाकर उनको डीफेम करने की बात है. सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी ग्रुप को क्लीन चिट दी थी. किसी ने गैरकानूनी रूप से बहुत पैसे बनाए थे. अदाणी ग्रुप के 150 बिलियन डॉलर उस समय खो गए थे. किसी ने उसको प्रॉफिट के रूप में हासिल किया. महेश जेठमलानी ने कहा कि, जो अभी मुद्दा आया है, वह 2014 का इशू है. इतने दिन तक OCCRP के इनवेस्टीगेशन क्या कर रहे थे.. यह प्राचीन काल का इशू है, उससे ही यह मालूम होता है कि ये लोग हताशा में यह कर रहे हैं. उनका इस इशू को लाना… और उस समय जब एनडीए सरकार नहीं थी, बल्कि यूपीए सरकार थी.. तो मेरा सीधा जवाब है कि मिनिस्टर फॉर कोयला जो उस समय था, उसको कठघरे में डालना चाहिए.’फ़ाइनेंशियल टाइम्स’ ने अदाणी समूह को लेकर एक आलेख प्रकाशित किया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 में समूह ने कम गुणवत्ता वाले कोयले का आयात किया था और फिर उसी कोयले को सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को उच्च श्रेणी के कोयले की कीमत पर बेच दिया.सिर्फ शोर मचाने के लिए छापा गया रिपोर्ट: कैंटर फिट्ज़जेराल्डजानी-मानी ग्लोबल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ फ़र्म कैंटर फिट्ज़जेराल्ड का कहना है कि भारतीय बिज़नेस समूह अदाणी ग्रुप को निशाना बनाने वाला ‘फ़ाइनेंशियल टाइम्स’ का हालिया आलेख सिर्फ़ शोर मचाने के लिए छापा गया था. कैंटर फिट्ज़जेराल्ड ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसा लगता है, जैसे फ़ाइनेंशियल बाज़ारों ने उस आलेख को नज़रअंदाज कर दिया है. फ़ाइनेंशियल एडवायज़री फ़र्म की रिपोर्ट में कहा गया कि बाज़ार का मानना है कि अदाणी समूह के खिलाफ छपा आलेख ‘सारहीन’ है.बाजार को भी रिपोर्ट पर यकीन नहीं : अदाणी ग्रुपअदाणी ग्रुप ने कहा कि हमारा मानना है कि बाजार को भी इस रिपोर्ट पर यकीन नहीं है क्योंकि बाजार भी मान रहा है कि इस स्टोरी में कोई दम नहीं है… और आप देखिए शेयर बाजार क्या कह रहा है… आज ही अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 8.01% चढ़ गया. यही नहीं आपको यह भी बता दें कि इस तरह की मोटिवेटेड रिपोर्ट्स किस तरह से मीडिया के एक वर्ग में हाथों हाथ ली जाती हैं. यह भी गौर कीजिए कि रिपोर्ट मार्केट शुरू होने के साथ ही छपती है और मिनटों में आगे बढ़ा दी जाती है. 12 अक्टूबर 2023 को जैसे ही फाइनेंशियल टाइम्स का लेख छपा, देश विदेश के कई पत्रकारों ने इसे तुरंत री ट्वीट कर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया. अल सुबह साढ़े चार बजे साजिश का इंटरनेशनल मकड़जाल एक्टिव हो जाता है और कुछ ही देर में भारत समेत दुनिया भर में फैल जाता है.ये भी पढ़ें-: FT-OCCRP-सोरोस की साजिश मार्केट में मुंह के बल गिरी, अदाणी ग्रुप ने बिंदुवार दिया जवाब; ग्रुप के शेयर चढ़ेअदाणी ग्रुप के ख़िलाफ़ ‘फ़ाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट सिर्फ़ शोर मचाने के लिए छापी गई : कैंटर फिट्ज़जेराल्ड