चीन के हित को साधने के लिए छापी गई बेबुनियाद रिपोर्ट : हिंडनबर्ग पर अर्थशास्त्री रजत सेठी
चीन के हित को साधने के लिए छापी गई बेबुनियाद रिपोर्ट : हिंडनबर्ग पर अर्थशास्त्री रजत सेठीशॉर्टसेलर हिंडनबर्ग (Hindenburg) की तरफ से एक रिपोर्ट जारी किया गया है. जिसमें सेबी प्रमुख और अदाणी ग्रुप को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं. अदाणी ग्रुप ने रिपोर्ट को दुर्भावनापूर्ण और ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है. इस मुद्दे पर एनडीटीवी के साथ बात करते हुए अर्थशास्त्री रजत सेठी (Rajat Sethi) ने कहा कि जब-जब संसद का सत्र चल रहा होता है तब-तब ही ऐसी रिपोर्ट लायी जाती है. रजत सेठी ने कहा कि मुझे लगा था कि इसे समय लेकर अच्छे से तैयार किया जाएगा लेकिन संसद सत्र के बीच में इसे लाने की जल्दीबाजी में यह पूरी तरह से तथ्यों से दूर है. इसे उतना ही सम्मान मिलना चाहिए जितनी जल्दी में ये बनाया गया है.रजत सेठी ने कहा कि अगर रिपोर्ट में कुछ भी दम होता तो मैं जांच की बात को सही कहता. लेकिन इस रिपोर्ट में तथ्य नहीं है. लेकिन आप चलते-फिरते किसी को भी आरोपी बना दें और सरकार से विपक्ष इसके लिए इस्तीफा मांग ले. ऐसे कुछ भी संभव नहीं है. जब तक कि आरोप को पूरी तरह से स्थापित नहीं किया जाएगा रिपोर्ट में, तब तक रिपोर्ट मजबूत नहीं होता है.अदाणी ग्रुप ने रिपोर्ट पर क्या कहा?अदाणी ग्रुप ने कहा है ”हम दोहराना चाहते हैं कि विदेशों में हमारा निवेश पूरी तरह पारदर्शी है और सारी जरूरी जानकारियां बराबर तमाम कागजात में सार्वजनिक की जाती हैं. इस शरारत भरी रिपोर्ट में जिन व्यक्तियों के नाम हैं उनके साथ अदाणी ग्रुप का कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है.ये रिपोर्ट हमारी छवि को नुकसान पहुंचान की कोशिश है. ग्रुप पूरी पारदर्शिता का पालन करता है और जरूरी नियमों का पालन करता है.ग्रुप ने कहा है कि भारतीय शेयर बाजार नियमों का उल्लंघन करने वाले बदनाम शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की ये रिपोर्ट ध्यान भटकाने की एक हताशा भरी कोशिश है. जाहिर है हिंडनबर्ग को भारतीय कानूनों की कोई कद्र नहीं है.”ये भी पढ़ें-:हिंडनबर्ग के आरोपों पर अदाणी ग्रुप की दो-टूक, सुप्रीम कोर्ट से खारिज आरोपों की रीसाइक्लिंग कर रहा है शॉर्टसेलर