‘गीला पटाखा’ साबित हुए अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग के दावे : वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी
अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के ताज़ातरीन दावों को भारत के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने ‘गीला पटाखा’ करार दिया है. माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट X (अतीत में ट्विटर) पर अपने पोस्ट में महेश जेठमलानी ने लिखा, “कथित बड़े रहस्योद्घाटन से पहले ही घोषणा कर देने से उनके इरादे साफ़ ज़ाहिर थे – भारत के शेयर बाज़ारों को अस्थिर करना… कोई सचमुच प्रतिष्ठित ‘रिसर्च एनैलिस्ट’ होगा, तो उसे पहले से प्रचार करना शोभा नहीं देता…”महेश जेठमलानी ने कहा, “अदाणी ग्रुप के ख़िलाफ़ कुछ भी नया नहीं था, सो, अमेरिकी शॉर्टसेलर SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच को निशाना बना रहा है…”#Hindenburg’s “Something big” is a pathetic damp squib, The announcement prior to its alleged big revelation itself reveals its motive: to destabilise India’s stock markets. The pre publicity ill behoves a reputed “research analyst “. As regards the “big” something there is… https://t.co/QeKNO4gEFp— Mahesh Jethmalani (@JethmalaniM) August 11, 2024जेठमलानी ने लिखा, “SEBI ने हिंडनबर्ग को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी थी कि अदाणी ग्रुप की शॉर्ट सेलिंग किन हालात में की गई थी, और SEBI को यह जानकारी हासिल करने का हक है… उसका जवाब भेजने के स्थान पर हिंडनबर्ग ने हितों के टकराव को आधार बनाते हुए SEBI प्रमुख को ही निशाना बनाने का विकल्प चुना…”महेश जेठमलानी के मुताबिक “इस तरह अमेरिका में बसे एक मुनाफ़ाखोर की तस्वीर सामने आती है, जिसने भारतीय निवेशकों की कीमत पर लाखों-करोड़ों डॉलर कमाए, और अब भारतीय बाज़ार नियामक द्वारा जायज़ तरीके से पूछे गए सवालों को न सिर्फ़ दरकिनार कर रहा है, बल्कि जवाब देने के स्थान पर पूरी बेशर्मी के साथ बाज़ार नियामक को ही बदनाम कर रहा है… इससे साफ़-साफ़ अतीत के उपनिवेश-काल के घमंड की झलक मिलती है…”भारत के वरिष्ठ वकील ने कहा, “वक्त आ गया कि आज की सत्तासीन सरकार इन राष्ट्र-विरोधी लोगों पर गंभीर तौर पर ध्यान दे, जिनका एजेंडा सिर्फ़ भारतीय सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ना, देश की राजनीति को खराब करना और इसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करना है…”हिंडनबर्ग की हो रही चौतरफ़ा निंदाहिंडनबर्ग द्वारा शनिवार को लगाए गए आरोपों की उद्योग जगत के साथ-साथ देश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा अन्य लोगों ने भी कड़ी निंदा की है.अदानी समूह ने हिंडनबर्ग के आरोपों को ‘दुर्भावनापूर्ण’ करार देते हुए स्पष्ट किया है कि SEBI प्रमुख या उनके पति के साथ ग्रुप का कोई व्यावसायिक रिश्ता नहीं है. समूह ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “भारतीय प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघनों के लिए जांच के दायरे में घिरे बदनाम शॉर्टसेलर के तौर पर हिंडनबर्ग के आरोप किसी हताश यूनिट द्वारा गुमराह करने के लिए पेश की गई जानकारी से ज़्यादा कुछ नहीं है…”गौरतलब है कि पिछले ही माह SEBI ने हिंडनबर्ग रिसर्च और उसके मालिक नाथन एंडरसन को कारण बताओ नोटिस भेजा था. नोटिस में SEBI ने हिंडनबर्ग और एंडरसन पर SEBI एक्ट के तहत प्रिवेंशन ऑफ फ्रॉड्यूलेंट एंड अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिसेस रेगुलेशन्स तथा SEBI के कोड ऑफ़ कंडक्ट फ़ॉर रिसर्च एनैलिस्ट रेगुलेशन्स के उल्लंघन का आरोप लगाया था.
