Quick Feed
यहां हुई थी भीम और हिडिंबा की शादी, माता ने लिया था कन्या का रूप
यहां हुई थी भीम और हिडिंबा की शादी, माता ने लिया था कन्या का रूपहर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आये थे. जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं.
हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आये थे. जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं.
