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हैहयवंशी राजा ने कि थी मंदिर कि स्थापना, पहाड़ी के नीचे छुपा होता था खजाना
हैहयवंशी राजा ने कि थी मंदिर कि स्थापना, पहाड़ी के नीचे छुपा होता था खजाना16वीं शताब्दी में हैहयवंशी राजा बहारेन्द्र साय ने मां कोसगई मंदिर की स्थापना की थी. इन्हें ही कलचुरी राजा भी कहा जाता है. वह रतनपुर से खजाना लेकर आए थे. इस खजाने को कोसगई में रखा गया था. इस कारण इस जगह का नाम कोसगई पड़ा. मान्यता है कि खजाने की रक्षा और क्षेत्र में शांति की स्थापना के लिए कोसगई के मंदिर को स्थापित किया गया.
16वीं शताब्दी में हैहयवंशी राजा बहारेन्द्र साय ने मां कोसगई मंदिर की स्थापना की थी. इन्हें ही कलचुरी राजा भी कहा जाता है. वह रतनपुर से खजाना लेकर आए थे. इस खजाने को कोसगई में रखा गया था. इस कारण इस जगह का नाम कोसगई पड़ा. मान्यता है कि खजाने की रक्षा और क्षेत्र में शांति की स्थापना के लिए कोसगई के मंदिर को स्थापित किया गया.
