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बहराइच में पिस्‍टल लेकर दंगाइयों से निपटने के लिए सड़क पर निकले यह अमिताभ कौन हैं? 

बहराइच में पिस्‍टल लेकर दंगाइयों से निपटने के लिए सड़क पर निकले यह अमिताभ कौन हैं? उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान जमकर बवाल हुआ. आज भी यहां पर तनाव व्‍याप्‍त है और जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई है. बहराइच हिंसा (Bahraich Violenc) के बाद बड़ी संख्‍या में पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है. इस दौरान बहराइच में दंगाइयों से निपटने और स्थिति पर नियंत्रण के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश (Amitabh Yash) खुद सड़क पर उतरे. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे दंगाइयों को रोकने के लिए पिस्‍टल लिए नजर आए. आइए जानते हैं कि यूपी पुलिस के अफसर अमिताभ यश के बारे में. अमिताभ यश 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. इसी साल जनवरी में उन्‍हें उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. साथ ही उनके पास यूपी एसटीएफ प्रमुख की जिम्‍मेदारी भी है. बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं यश उत्तर प्रदेश पुलिस पर मौजूद रिकॉर्ड के अनुसार, 11 अप्रैल 1971 को जन्‍मे अमिताभ यश मूल रूप से बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं. वह 2011 में डीआईजी बने और 2014 में उन्‍हें आईजी के पद पर पदोन्‍नत किया गया. वहीं 2021 में पदोन्‍नति के बाद एडीजी बने. अमिताभ यश की गिनती यूपी के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में होती है. उन्‍हें एक एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट के तौर पर भी जाना जाता हैं. चंबल को डाकुओं से मुक्ति दिलाने से लेकर कई आपराधिक गिरोहों से यूपी को मुक्‍त कराने में यश का बड़ा हाथ माना जाता है. यश के नाम पर कई एनकाउंटर दर्ज उनके नाम कई एनकाउंटर दर्ज हैं, जिनमें कुख्‍यात ददुआ गैंग के साथ ही देश भर में चर्चित बिकरू कांड के मास्‍टरमाइंड विकास दुबे का एनकाउंटर भी शामिल है. चंबल घाटी से निर्भय गैंग के सफाए में भी उनका बड़ा योगदान है.एसटीएफ में वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में भी उनका काम शानदार रहा है. 2007 में शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ का एनकाउंटर किया गया, वहीं अगले ही साल 2008 में अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया को भी ढेर कर दिया गया. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनके नाम करीब 150 एनकाउंटर दर्ज हैं. राष्‍ट्रपति से दो बार मिला गैलेंट्री अवॉर्ड अपराधियों के मन में अमिताभ यश खौफ का दूसरा नाम है. उन्‍हें दो बार राष्‍ट्रपति से गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुका है. उन्‍होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना से की और उसके बाद दिल्‍ली के स्‍टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. साथ ही आईआईटी कानपुर से केमेस्‍ट्री में मास्‍टर्स किया है. अमिताभ यश ने बचपन से ही अपने घर में पुलिसवालों को देखा और पुलिस की कार्यप्रणाली को समझा है. उनके पिता राम यश भी पुलिस में ही थे. 

बहराइच हिंसा (Bahraich Violence) में दंगाइयों से निपटने और स्थिति पर नियंत्रण के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश (Amitabh Yash) पिस्‍टल हाथ में लिए खुद सड़क पर उतरे.
Bol CG Desk (L.S.)

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