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खुशखबरी! महीने में एक बार इंजेक्‍शन लेने से दूर हो सकता है मोटापा, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

खुशखबरी! महीने में एक बार इंजेक्‍शन लेने से दूर हो सकता है मोटापा, रिपोर्ट में हुआ खुलासाInjection For Obesity: आजकल मोटापे से ज्यादातर लोग परेशान हैं और फैट कम करने के लिए एक सही और जल्द रिजल्ट देने वाला इलाज चाहते हैं. मार्केट में मोटापा कम करने का दावा करने वाली कई दवाएं हैं. मोटापे की मौजूदा दवा में हफ्ते में एक बार त्वचा के नीचे इंजेक्शन की जरूरत होती है. यह दवा ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड 1 रिसेप्टर (जीएलपी-1आर) को एक्टिव करती हैं. लेकिन, अब नई दवाएं आ रही हैं, जो महीने में सिर्फ एक बार इंजेक्शन से काम करेंगी. एक रिपोर्ट के अनुसार, ये मोटापे के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की दवाएं बन सकती हैं. डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडाटा की रिपोर्ट से पता चला है कि मोटापा-रोकने वाली दवाएं एक ऐसा इंडस्ट्री ट्रेंड है जिसका अगले 12 महीनों में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा.यह भी पढ़ें: डायबिटीज का काल है ये ऑरेंज ड्राई फ्रूट, सेवन से तेजी से घटेगा ब्लड शुगर, नतीजे कर देंगे हैरानइंजेक्शन की जगह खाने वाली दवाएं बनाने पर ध्यान:विश्व स्तर पर मोटापे की बढ़ती दरें मोटापे के बाजार में निवेश की लहर पैदा कर रही हैं, जिससे संभवतः मोटापे की अगली पीढ़ी की दवाओं का विकास हो रहा है. इसके तहत, नई दवाओं पर काम किया जा रहा है, जो मोटापे के इलाज के लिए नए तरीकों को खोजने, इंजेक्शन की जगह खाने वाली दवाएं बनाने और मरीजों पर बोझ कम करने के लिए दवाओं की डोज की बारंबारता घटाने पर ध्यान दे रही हैं.हालांकि नोवो नॉर्डिस्क और एली लिली के वर्तमान में उपलब्ध वीकली इंजेक्शन ने बहुत लोकप्रियता हासिल की है, लेकिन ये कभी-कभी रोगी के लिए बोझ बन सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एमजेन और मेटसेरा दो ऐसी कंपनियां हैं जो मोटापे की दवा को महीने में एक बार लेने के विकल्प को आगे बढ़ा रही हैं.यह भी पढ़ें: नसों में जम गया है बैड कोलेस्ट्रॉल? गेहूं के आटे में मिलाकर खा लें ये एक चीज, गंदा कोलेस्ट्रॉल पिघलकर निकलेगा बाहरग्लोबलडाटा में फार्मा विश्लेषक कोस्टान्ज़ा अल्सियाटी ने कहा, हालांकि, “इन अल्ट्रा लॉन्ग एक्टिंग केंडिडेट्स की सफलता के लिए यह जरूरी है कि वे वर्तमान में उपलब्ध एक बार-वीकली ट्रीटमेंट के बराबर प्रभाव दिखाएं.”इस दवा से 52 हफ्ते में 17 प्रतिशत वजन कम हुआएमजेन की मैरीटाइड (मैरीडेबर्ड कैफ्राडुटाइड) महीने में एक बार ली जाने वाली प्रभावकारी दवा थी. इस दवा के कारण 52 हफ्ते में रोगियों में औसतन 17 प्रतिशत वजन कम हुआ. रोगियों में वजन कम होने की कोई सीमा नहीं थी और उनमें से 99 प्रतिशत ने अपने शरीर के वजन का 5 प्रतिशत से ज्यादा वजन कम किया.वहीं मेटसेरा ने अपनी मेट-097आई के लिए परिणामों की घोषणा की. इसे शुरुआत में एक बार हफ्ते में ली जाने वाली डोज के रूप में तैयार किया गया था, लेकिन इसकी लंबी असरदार अवधि के कारण इसे महीने में एक बार लेने के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है.यह भी पढ़ें: अब लंबे और घने बाल पाना हुआ बहुत ही आसान, रोज दो आंवले से बनेगी बात, बस जान लीजिए इस्तेमाल का सही तरीकाघटाने का रिजल्ट वाकई काबिले-तारीफ”परीक्षण का समय छोटा था और मरीजों की संख्या भी कम थी. इसके बावजूद, इसने केवल 12 हफ्तों में औसतन 11.3 प्रतिशत वजन घटाने का परिणाम दिखाया. इतने कम समय में यह वजन घटाने का रिजल्ट वाकई काबिले-तारीफ है. अब हम देखेंगे कि क्या बड़े ट्रायल और ज्यादा मरीजों के साथ इन नतीजों को बरकरार रखा जा सकता है.”ग्लोबलडाटा का अनुमान है कि जीएलपी-1आर एगोनिस्ट 2033 तक सात प्रमुख बाजारों (अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, यूके और जापान) में 125.3 बिलियन डॉलर की बिक्री तक पहुंच जाएंगे और 90 प्रतिशत बिक्री मोटापे की दवा से होगी.Watch Video: डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

Obesity Treatment: डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडाटा की रिपोर्ट से पता चला है कि मोटापा-रोकने वाली दवाएं एक ऐसा इंडस्ट्री ट्रेंड है जिसका अगले 12 महीनों में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा.
Bol CG Desk (L.S.)

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