ट्रंप ने सब पलट डाला: वर्क फ्रॉम होम बंद, 1500 दंगाइयों को माफी… कुर्सी पर बैठते ही आदेशों की झड़ी, देखिए क्या-क्या बदला
ट्रंप ने सब पलट डाला: वर्क फ्रॉम होम बंद, 1500 दंगाइयों को माफी… कुर्सी पर बैठते ही आदेशों की झड़ी, देखिए क्या-क्या बदलाUS President Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की सत्ता पर काबिज होते ही कई बड़े फैसले लिए हैं. उन्होंने पिछले राष्ट्रपति जो बाइडेन के बहुत से फैसलों को पलट दिया है. अमेरिका की कुर्सी पर बैठते ही ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन द्वारा लिए गए फैसलों को उलटने के लिए 80 से ज्यादा कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं. डोनाल्ड ट्रंप के इन सभी फैसलों में दो बातें बहुत ही अहम हैं, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. ट्रंप ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम के कल्चर को खत्म कर दिया है. वहीं कैपिटल हिल दंगों के लिए जेल में बंद 1500 दंगाइयों को माफ कर दिया है. ये भी पढ़ें-चीन को ताना, मंगल तक है जाना… अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप के 30 मिनट के भाषण का मर्म समझिएपहला बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम बंदट्रंप ने सबसे पहले जिस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए वह सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम खत्म करने को लेकर था. ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया कि, “सरकार की एग्जीक्यूटिव ब्रांच में सभी विभागों और एजेंसियों के प्रमुख जल्द ही रिमोट वर्क एग्रीमेंट्स को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे. कर्मचारियों को फुल टाइम के आधार पर अपने-अपने ड्यूटी स्टेशनों पर काम पर लौटने की जरूरत है.”दूसरा बड़ा फैसला: कैपिटल हिल दंगे के लिए गिरफ्तार समर्थकों को माफ़ीट्रंप का दूसरा बड़ा फैसला 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हिल के दंगाइयों को माफ करना है. अमेरिका की कुर्सी पर काबिज होते ही 6 जनवरी को हुए दंगों के लिए गिरफ्तार 1 हजार से ज्यादा अपने समर्थकों को माफ़ कर दिया. राष्ट्रपति ट्रंप ने दंगाइयों के यह माफी कार्यकारी आदेश की अपनी सुप्रीम पावर का इस्तेमाल करते हुए दी है. ट्रंप ने ओवल ऑफ़िस में रेसोल्यूट डेस्क पर बैठते ही 1,500 कैदियों को रिहा करने पर हस्ताक्षर किए. उनके आदेश के मुताबिक, दंगाइयों को माफी मिलते ही जेल ब्यूरो को तुरंत कार्रवाई करनी होगी. इसके साथ ही अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि वे सभी रात को ही बाहर आ जाएंगे. बता दें कि कैपिटल हिल दंगा मामले में 1200 से ज्यादा लोगों को दोषी ठहराया गया था. न्याय विभाग (डीओजे) ने इस घटना के तुरंत बाद 6 जनवरी के दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा चलाया था.
