सेवा सेतु से जल्द जुड़ेंगी 400 सेवाएं, अभी 564 सेवाएं उपलब्ध, ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन

रायपुर। आम आदमी की सुविधा के लिए बने सेवा सेतु में जल्द ही 400 नई सेवाएं जुडेंगी। वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जानकारी गुरुवार को पत्रकारवार्ता में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने दी। इस दौरान चिप्स सीईओ मयंक अग्रवाल भी मौजूद थे।
विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस और वाॅट्सऐप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व व मार्गदर्शन में नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, एआई, साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है।
आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार
सचिव ने बताया कि राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं। इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
डिजिटल मजबूत से 30,311.80 करोड़ का राजस्व मिला
सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। एकीकृत अपशिष्ट मॉनीटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी तय की गई है। वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम
सचिव ने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है।


