जगदलपुर जेल में गूंजे मंत्र, रेप केस में बंद प्रेमी से शादी करने जेल पहुंची प्रेमिका

जगदलपुर। जगदलपुर स्थित केंद्रीय जेल में शुक्रवार को एक ऐसी अनोखी शादी संपन्न हुई, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। अदालत की विशेष अनुमति मिलने के बाद एक विचाराधीन बंदी और उसकी प्रेमिका ने जेल परिसर के भीतर ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना। जगदलपुर केंद्रीय जेल के इतिहास में करीब 15 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब जेल की चारदीवारी के भीतर किसी जोड़े का विवाह कराया गया हो। बस्तर के राजूर निवासी सुरेश सेठिया (पिता बुधराम सेठिया) पिछले छह महीने से केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद है।
उसका गांव की ही मनवती कश्यप के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सुरेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। हालांकि, प्रेमी के जेल जाने के बावजूद युवती अपने फैसले पर अडिग रही। वह लगातार जेल में सुरेश से मिलने आती रही और दोनों ने हर हाल में शादी करने का निर्णय लिया।
अदालत ने दी अनुमति अधिवक्ता बने गवाह
जब यह मामला न्यायालय पहुंचा, तो दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से शादी करने की इच्छा जताई। दोनों की उम्र, सहमति और परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद अदालत ने जेल परिसर में ही विवाह कराने की विशेष अनुमति जारी कर दी। शादी के दौरान दोनों के परिजन मौजूद नहीं थे, ऐसे में जेल प्रशासन, वकीलों और स्थानीय समाजसेवियों ने अभिभावक की भूमिका निभाई। जेल परिसर में बाकायदा मंडप सजाया गया और दोनों ने विधि-विधान से शादी की रस्में पूरी कीं।
पारिवारिक विरोध के बावजूद मिलाया हाथ
युवती आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती है, जबकि युवक दूसरे समुदाय से है। इस अंतरजातीय विवाह का दोनों के परिवारों और समाज की ओर से कड़ा विरोध किया गया था। युवक के परिजनों ने शादी से पूरी तरह दूरी बना ली थी। इसके बावजूद, सभी सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए दोनों ने कानून के संरक्षण में एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। जेल अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विवाह के सभी दस्तावेज तैयार कराकर इसे कानूनी रूप भी दिया गया।



