प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आखिरी तारीख बढ़ी, 16 अगस्त तक करें आवेदन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने फसल बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दी है। इससे हजारों ऐसे किसानों को अतिरिक्त समय मिल गया है, जो किसी कारणवश तय समय सीमा तक अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सके थे।
योजना का लाभ ऋणी (Loanee), गैर-ऋणी (Non-Loanee) और बटाईदार (Sharecropper) किसान भी ले सकेंगे। प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि, बाढ़, आंधी, कीट एवं रोगों से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित करना और खेती के जोखिम को कम करना है। अगर आपने अभी तक अपनी खरीफ फसल का बीमा नहीं कराया है, तो अब आपके पास 16 अगस्त 2026 तक का मौका है। समय पर आवेदन करने से भविष्य में फसल नुकसान होने पर बीमा क्लेम का लाभ मिल सकेगा।
PM Fasal Bima Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत बीमित किसानों को नुकसान का आकलन होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।
किन किसानों को मिलेगा फायदा?
ऋणी किसान (Loanee Farmers)
गैर-ऋणी किसान (Non-Loanee Farmers)
बटाईदार किसान (Sharecropper Farmers)
किन फसलों का कराया जा सकता है बीमा?
फसल खराब होने पर कब मिलता है क्लेम?
सूखा पड़ने पर
बाढ़ या जलभराव होने पर
अतिवृष्टि या कम बारिश होने पर
ओलावृष्टि
चक्रवात और तेज आंधी
भूस्खलन
कीट एवं रोग से फसल नुकसान
कटाई के बाद निर्धारित अवधि में प्राकृतिक आपदा से नुकसान
किसान को कितना Premium देना पड़ता है?
खरीफ फसल: बीमित राशि का 2 प्रतिशत
रबी फसल: बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत
व्यावसायिक एवं बागवानी फसल: बीमित राशि का 5 प्रतिशत
कैसे करें Online Apply?
नजदीकी बैंक शाखा
प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS)
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
अधिकृत बीमा कंपनी
PMFBY पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
भूमि संबंधी दस्तावेज
बुआई का विवरण
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
क्लेम कैसे मिलता है?
यदि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है, तो संबंधित विभाग नुकसान का सर्वे करता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनी पात्र किसानों के बैंक खाते में क्लेम राशि भेजती है। कुछ परिस्थितियों में स्थानीय नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर देना भी जरूरी होता है।



