अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन जेल में, पत्नियां निभा रही हैं विपक्षी खेमे में बड़ा रोल
अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन जेल में, पत्नियां निभा रही हैं विपक्षी खेमे में बड़ा रोलदिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और जेएमएम के हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ने उनकी पत्नियों को सुर्खियों में ला दिया है. लोकसभा चुनाव के दौरान अपने जीवनसाथी की अनुपस्थिति में सुनीता केजरीवाल और कल्पना सोरेन इंडिया अलायंस का महत्वपूर्ण चेहरा बन गई हैं, जिससे कहीं न कहीं ये भी साफ हो गया है कि अब वह बड़ी राजनीतिक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.दोनों रांची में इंडिया अलायंस की रैली में शामिल हुई, जिसमें विपक्षी खेमे ने बीजेपी पर विपक्ष शासित राज्यों को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. इस रैली में अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन के नाम के टैग के साथ कुर्सियां खाली छोड़ी गई थीं, जहां उनकी पत्नियां बैठी थीं.लोकसभा चुनावों के बीच झामुमो द्वारा उलगुलान न्याय महारैली का आयोजन किया गया था, जिसमें विपक्ष ने शक्ति प्रदर्शन और अपनी एकता दिखाई.इसमें मल्लिकार्जुन खरगे, तेजस्वी यादव, भगवंत मान और अखिलेश यादव समेत 28 राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित थे.रैली में सुनीता केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वे मेरे पति (अरविंद केजरीवाल)को मारना चाहते हैं. उनका खाना कैमरे की निगरानी में है. उन्हें इंसुलिन देने से इंकार कर दिया गया है. मेरे पति शुगर के मरीज हैं, जो पिछले 12 साल से इंसुलिन ले रहे हैं. उन्हें रोजाना 50 युनिट इंसुलिन की जरूरत होती है. उन्होंने दावा किया उनके पति के खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं किया जा सका. वे तानाशाही के खिलाफ लड़ाई जरूर जीतेंगे. जेल के दरवाजे टूटेंगे और अरविंद केजरीवाल व हेमंत सोरेन बाहर आएंगे.कल्पना सोरेन ने भाजपा पर उन राज्यों में सरकारें गिराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया जहां विपक्षी दल सत्ता में हैं, उन्होंने दावा किया कि चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई.इस रैली में उन्होंने अपने पति का संदेश भी पढ़ा- विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन बीजेपी और ऐसी ताकतों को बाहर कर दिया जाएगा.”बता दें कि अरविंद केजरीवाल को पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय ने शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था. आप ने कहा था कि वह गिरफ्तारी के बाद भी मुख्यमंत्री बने रहेंगे और कोई भी कानून उन्हें जेल से सरकार चलाने से नहीं रोकता है.वहीं कथित जमीन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा जनवरी में गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके बाद झामुमो नेता चंपई सोरेन ने फरवरी में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, हालांकि अटकलें थीं कि कल्पना सोरेन उनकी जगह ले सकती हैं.