बुजुर्ग की मौत को भूपेश ने बताया प्रशासनिक आतंकवाद, भाजपा बोली- जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

रायपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के दौरान मारपीट से ग्रामीण की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रशासनिक आतंकवाद बताते हुए सरकार पर सीधे हमला किया है।
वहीं पूरे मामले में भाजपा एक तरह से बचाव की मुद्रा में आ गई है। भाजपा ने कहा,जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।एक मासूम ग्रामीण को शिकार बनायापूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने सोशल मीडिया में लिखा है, भाजपा के सुशासन में चल रहे प्रशासनिक आतंकवाद ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया।
आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने 5-6 लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी। उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा।
भूपेश ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा है, पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।कांग्रेस हर मामले में ओछी राजनीति की आदीपूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों पर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने पलटवार किया है। पांडेय ने कहा, सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं। कांग्रेस हर मामले में ओछी राजनीति करने की आदी है। भूपेश के शासनकाल में हुई अराजकता को जनता भूली नहीं है।
सूरजपुर, कोण्डागांव और गरियाबंद जैसी घटनाओं में कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। पाण्डेय ने विश्वास जताया कि संगठन की मजबूती और सरकार की विकासपरक नीतियों के कारण भाजपा का आधार छत्तीसगढ़ में और अधिक विस्तार लेगा। उन्होंने कहा, घटना की जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।



