अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज कटौती में बड़ी राहत

रायपुर। खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पैदा हुए संकटकाल में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी में की गई महत्वपूर्ण कटौती का कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) छत्तीसगढ़ ने स्वागत किया है।
कैट ने इसे जनता के हित में सराहनीय कदम बताया है। कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच सरकार का यह निर्णय आम जनता को राहत देने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है।
सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया जाना न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी है, बल्कि इससे परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
पूर्व सीएम का सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आम जनता को कोई वास्तविक राहत नहीं मिलने वाली है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि जनता को राहत मिले तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सार्वजनिक अभिनंदन करें और यदि नहीं मिले तो इसका विरोध करें। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि यह फैसला तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया है और जनता को राहत मिलने की केवल अफवाह फैलाई जा रही है।
ओपी चौधरी का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने से पहले कांग्रेस को अपना पिछला रिकॉर्ड याद करना चाहिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि कोविड-19 जैसी आपदा के दौरान जब लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, तब कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल पर वैट बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला था। उन्होंने कहा कि उस समय “आपदा को अवसर” बनाकर वसूली की गई।
केंद्र के फैसले का बचाव
वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आम जनता को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संकट के समय भी जनता पर बोझ कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है।



