वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में किसे क्या दिया, किसानों और एमएसएमई के लिए किए ये ऐलान

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में किसे क्या दिया, किसानों और एमएसएमई के लिए किए ये ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर रही हैं. यह मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्णकालिक बजट है. वित्त मंत्री सीतारमण लगातार 8वीं बार बजट पेश करेंगी. वित्तमंत्री ने शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था. इसमें सरकार ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में अर्थव्यवस्था 6.3 से लेकर 6.8 फीसदी की दर से बढ़ सकती है. इस बजट लोगों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें महंगाई से राहत देगी. खाद्य वस्तुओं की महंगाई बढ़ने से घरेलू खर्च बढ़ गया है. वहीं नौकरी पेशा लोगों की उम्मीद है कि सरकार उन पर कर को बोझ को कुछ कम करेगी.किसानों के लिए सरकार ने खोला खजानावित्तमंत्री ने किसानों के लिए पीएम धन धान्य कृषि योजना का ऐलान किया. यह योजना के 100 जिलों में राज्य सरकारों के सहयोग से चलाई जाएगी.ये वे जिले होंगे, जिनमें कृषि उत्पादकता कम है. इससे 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की. इसका मकसद मखाने की खेती करने वाले किसानों की मदद करना और मखाना की पैदावार बढ़ाना है. लोकसभा में शनिवार को अपना आठवां बजट भाषण देतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.इस बजट में सरकार ने किसानों के लिए ये ऐलान किए हैं. सरकार का ध्यान अगले 6 साल तक मसूर, तुअर (अरहर) जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने पर रहेगा. कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार पांच साल की एक योजना चलाएगी. इससे देश का कपड़ा उद्योग मजबूत बनेगा. सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक करने की घोषणा की है.इससे किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को छोटी अवधि का कर्ज मिलता है. वित्तमंत्री ने घोषणा की है कि छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे.इसके अलावा सरकार ने असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला यूरिया कारखाना लगाने की घोषणा की है. इसके साथ ही सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में बंद पड़े यूरिया कारखानों को खोलना का दावा किया है. सरकार ने सहकारी क्षेत्र के लिए कर्ज उपल्बध कराने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को समर्थन देगी.भारत के विकास का दूसरा इंजन है एमएसएमईवित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) को भारत के विकास का दूसरा इंजन बताया. उन्होंने कहा कि यह सेक्टर साढ़े सात करोड़ लोगों को रोजगार देता है. उन्होंने कहा कि देश के कुल निर्यात में इस क्षेत्र का हिस्सा 45 फीसदी का है. निर्माण क्षेत्र में इसका योगदान 36 फीसदी का है. एमएसएमई के लिए वित्तमंत्री ने घोषणा की कि एमएसएमई वर्गीकरण के लिए निवेश की सीमा 2.5 गुना बढ़ाई जाएगी. समृद्ध एमएसएमई युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने का विश्वास देगा. सरकार ने फुटवियर और लेदर क्षेत्र के लिए फोकस प्रोडक्ट स्कीम शुरू की जाएगी. इसका मकसद उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है.इससे 22 लाख लोगों को रोजगार मिलने, चार लाख करोड़ रुपये का टर्नओवर और 11 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होने की संभावना है.निर्यात भारत के विकास का चौथा इंजनएक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन की स्थापना की है. 100 फीसदी तक इंश्योरेंस में निवेश की सीमा की गई. पहले यह 74 फीसदी थी. इंडिया पोस्ट बैंक की क्षमता ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ाई जाएगी. पीएम ने बजट से पहले क्या कहा थाइससे पहले शुक्रवार को संसद का बजट सत्र शुरू होने पर प्नधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प फिर दोहराया था. पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में बता दिया कि सरकार कैसा बजट पेश करने वाली है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गरीब, मीडिल, क्लास, महिलाओं और युवाओं की बात की. इसके साथ ही उन्होंने विकसित भारत के लिए रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के फार्मूले की बात की. इससे लगता है कि इस बार का बजट इन्हीं शब्दों के ईर्द-गिर्द रहने वाला है.वित्तवर्ष 2025-26 के बजट के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.गरीब और मध्य वर्ग पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्ण बजट है. प्रधानमंत्री ने कहा,”मैं मां लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि गरीब और मध्य वर्ग पर उनकी विशेष कृपा रहे.” इससे लगा कि इस बार के बजट में सरकार गरीब और मध्य पर विशेष ध्यान देने वाली है. सरकार इनके लिए चलाई जा रहीं योजनाओं का बजट बढ़ाया जा सकता है. सरकार कुछ नई योजनाओं का ऐलान भी गरीबों और मध्य वर्ग के लिए कर सकती है.मध्य वर्ग और नौकरीपेशा बहुत पहले से ही कर मुक्त आय की सीमा बढ़ाने की मांग कर रही है, ऐसे में हो सकता है कि सरकार इस बजट में उनकी इस मांग को पूरा करे. विकसित भारत का सपनापीएम मोदी ने एक बार फिर विकसित भारत की बात की. इसका सपना उन्होंने लाल किले की प्राचीर से देखा है. पीएम मोदी की सरकार इस दिशा में तभी से काम कर रही है. विकसित भारत का उद्देश्य आजादी के 100वें साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है. इस दृष्टिकोण में आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन सहित विकास के विभिन्न पहलुओं का शामिल को किया गया है.उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के सपने के लिए एक नया विश्वास पैदा करेगा. नई ऊर्जा देगा. इससे लगता है कि सरकार इस बजट में विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए कई सुधारों का ऐलान कर सकती हैं. ये भी पढ़ें: आम बजट से पहले झूमा बाजार, सेंसेक्स 1000 अंक उछला
