Quick Feed

कोटक महिन्द्रा बैंक के बनाए फ़ंड का हुआ इस्तेमाल अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ की शॉर्टसेलिंग में

कोटक महिन्द्रा बैंक के बनाए फ़ंड का हुआ इस्तेमाल अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ की शॉर्टसेलिंग मेंभारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आरोप लगाया है कि विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशक किंगडन कैपिटल मैनेजमेंट एलएलसी और उससे जुड़ी एन्टिटीज़ ने हिंडनबर्ग के साथ मिलीभगत कर भारतीय डेरिवेटिव बाज़ार में अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ फ्यूचर्स में कारोबार करने में सहयोग किया, और मुनाफ़ा बांटा.SEBI की जांच के मुताबिक, हिंडनबर्ग ने शॉर्ट पोज़ीशन बनाने के लिए नॉन-पब्लिक सूचनाओं की पहले से जानकारी होने का फ़ायदा उठाया और योजना में मार्क किंगडन और उनकी संस्थाओं के साथ मिलीभगत की.SEBI की जांच के अनुसार, योजना में ड्राफ़्ट रिपोर्ट साझा करना, किंगडन को ट्रेडिंग खाते खोलने देना, कम फ़ायदे बांटने पर राज़ी हो जाना, FPO के समय पूर्व-नियोजित तरीके से रिपोर्ट प्रकाशित करना, भारतीय प्रतिभूति बाज़ार के साथ कोई जुड़ाव नहीं होने का दावा करना, शॉर्ट सेल प्रॉफ़िट के लिए स्क्वेयरऑफ़ करना और अदाणी शेयरों में कारोबार के लिए इंडिया फ़ंड की स्थापना करना शामिल था.हिंडनबर्ग से ड्राफ़्ट रिपोर्ट साझा करने के लिए किंगडन ने किया था समझौताSEBI ने आरोप लगाया है कि 24 जनवरी, 2023 को आधिकारिक तौर पर जारी किए जाने से पहले ही किंगडन ने ड्राफ़्ट रिपोर्ट साझा करने के लिए हिंडनबर्ग रिसर्च एलएलसी के साथ कानूनी समझौता किया था.SEBI ने अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के शेयरों में कारोबार उल्लंघनों के लिए हिंडनबर्ग रिसर्च एलएलसी और उसके एकमात्र मालिक नाथन एंडरसन के साथ-साथ मॉरीशस स्थित संस्थाओं के मालिक मार्क किंगडन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.बाज़ार नियामक का आरोप है कि हिंडनबर्ग और एंडरसन ने SEBI अधिनियम, SEBI के प्रिवेंशन ऑफ़ फ़्रॉड्यूलेंट एंड अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज़ रेग्युलेशन्स तथा SEBI के कोड ऑफ़ कन्डक्ट फ़ॉर फ़ॉरेन पोर्टफ़ोलियो इन्वेस्टर्स के तहत नियमों का उल्लंघन किया है.एफपीआई किंगडन ने भी कथित तौर पर SEBI अधिनियम, SEBI के प्रिवेंशन ऑफ़ फ़्रॉड्यूलेंट एंड अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज़ रेग्युलेशन्स तथा SEBI के कोड ऑफ़ कन्डक्ट फ़ॉर फ़ॉरेन पोर्टफ़ोलियो इन्वेस्टर्स का उल्लंघन किया है.कारण बताओ नोटिस के मुताबिक, जिसकी प्रति की समीक्षा NDTV प्रॉफिट ने की है, SEBI ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट जारी होने से पहले अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के फ्यूचर्स में शॉर्ट सेलिंग गतिविधि देखी गई थी, और रिपोर्ट के बाद 24 जनवरी, 2023 और 22 फरवरी, 2023 के बीच शेयर में 59 फ़ीसदी की गिरावट आई. जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट जारी हुई, अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफ़र ला रही थी. बाद में शेयरधारकों के हित में अदाणी समूह ने FPO को वापस ले लिया था.SEBI की जांच से पता चला कि के-इंडिया अपॉर्चुनिटीज़ फ़ंड – क्लास एफ ने एक ट्रेडिंग खाता खोला और रिपोर्ट जारी होने से पहले अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के शेयरों में कारोबार करना शुरू कर दिया और फरवरी में 22.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर या ₹183.24 करोड़ का लाभ कमाते हुए सारी पोज़ीशनों को स्क्वेयरऑफ़ कर दिया. इस फ़ंड ने NSE पर केवल अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के शेयरों में कारोबार किया.अब हिंडनबर्ग ने अपनी प्रतिक्रिया में आरोप लगाया है कि कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने अदाणी के खिलाफ दांव लगाने के लिए किंगडन द्वारा इस्तेमाल किए गए ऑफ़शोर फ़ंड संरचना का गठन तथा देखरेख की थी. बाज़ार नियामक ने अपने कारण बताओ नोटिस में कहा कि कोटक ने 5 जनवरी, 2023 को केएमआईएल और किंगडन कैपिटल के बीच निवेश सलाहकार समझौता किया, जिसमें ट्रेडिंग खाता बनाने की जल्दबाज़ी दिखाई गई. किंगडन कैपिटल ने FPI के लिए सभी व्यापारिक फ़ैसले लिए.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आरोप लगाया है कि विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशक किंगडन कैपिटल मैनेजमेंट एलएलसी और उससे जुड़ी एन्टिटीज़ ने हिंडनबर्ग के साथ मिलीभगत कर भारतीय डेरिवेटिव बाज़ार में अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ फ्यूचर्स में कारोबार करने में सहयोग किया, और मुनाफ़ा बांटा.
Bol CG Desk

Related Articles

Back to top button