संविधान पर सिरफिरे के एक पत्थर ने कैसे सुलगा महाराष्ट्र का परभणी, जानिए तनाव के 24 घंटे की पूरी कहानी

संविधान पर सिरफिरे के एक पत्थर ने कैसे सुलगा महाराष्ट्र का परभणी, जानिए तनाव के 24 घंटे की पूरी कहानी
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) संभाग के परभणी जिले में दो दिनों से भारी तनाव व्याप्त है. परभणी में बाबा साहब आंबोडकर की प्रतिमा के सामने बनी संविधान की प्रतिकृति (Replica) एक सिरफिरे ने तोड़ दी. इसको लेकर मंगलवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा. भीड़ के हिंसक प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस घटना और इसको लेकर लोंगों के उग्र विरोध के बारे में यहां जानिए- आखिर परभणी में पिछले 24 घंटे में हुआ क्या महाराष्ट्र में परभणी स्टेशन के सामने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति है. मूर्ति के पास ही संविधान की प्रति उकेरी गई है. मंगलवार शाम पांच बजे किसी सिरफिरे ने संविधान को तोड़ दिया.इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया. शाम करीब छह बजे अचानक प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन की ओर चले गए.कुछ प्रदर्शनकारियों ने नंदीग्राम एक्सप्रेस ट्रेन के लोको-पायलट को नीचे खींच लिया और उसके साथ मारपीट की.प्रदर्शनकारियों ने 30 मिनट से अधिक समय तक रेलवे पटरियों को बंद रखा.इसके बाद लोगों ने घटना के विरोध में बुधवार को बंद बुलाया.इस घटना से लोग इस कदर आक्रोशित हो गए कि संविधान की प्रति तोड़ने वालो को फांसी देने तक की मांग कर दी.बवाल बढ़ने पर पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि युवक सिरफिरा है. लोगों का गुस्सा इससे भी शांत नहीं हुआ. बुधवार सुबह बंद के दौरान हिंसा भड़क गई.पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई. परभणी में भीड़ ने जमकर बवाल किया. महिलाओं का झुंड कलेक्टर दफ्तर में घुस गया और वहां तोड़फोड़ की.वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.परभणी का सामाजिक समीकरण क्या है परभणी महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में पड़ता है. महाराष्ट्र के संवेदनशील जिलों में इसकी गिनती होती है, यह हिंदू-मुस्लिम सेंसटिव इलाका है. शिवसेना का मजबूत गढ़ है. संजय जाधव यहां से लोकसभा के सांसद हैं.महाराष्ट्र बनने से पहले परभणी हैदराबाद प्रेजिडेंसी का हिस्सा था.पुलिस ने हिंसा पर क्या बतायाकार्यवाहक पुलिस अधीक्षक यशवंत काले ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब एक बजे एक दुकान के बाहर पाइपों में आग लगा दी गई. भीड़ के हिंसक होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन्हें तितर-बितर कर दिया. प्रदर्शनकारी पुलिस से मंगलवार की तोड़फोड़ की घटना के सूत्रधारों का पता लगाने की मांग कर रहे हैं. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के वासमत इलाके में भी बंद का असर देखा गया. अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने संविधान की प्रतिकृति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की, साथ ही उन्होंने सभी राष्ट्रीय नेताओं की मूर्तियों की सुरक्षा करने की भी मांग की. उन्होंने बताया कि फिलहाल इलाके में स्थिति शांत है. यह भी पढ़ें -महाराष्ट्र : संविधान की रेप्लिका को डैमेज करने पर परभणी में बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले