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इडली खाने के हैं शौकीन तो हो जाएं सावधान, इस जगह इडली बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल, एफएसएसएआई ने दिया जांच के आदेश

इडली खाने के हैं शौकीन तो हो जाएं सावधान, इस जगह इडली बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल, एफएसएसएआई ने दिया जांच के आदेशchemical plastic mix in idli: इडली एक ऐसा नाश्ता है जिसे हममें से ज्यादातर लोग ब्रेकफास्ट में खाना पसंद करते हैं. ये एक साउथ इंडियन डिश है. लेकिन क्या हो जब आपको पता चले कि जो हेल्दी डिश समझ कर आप खा रहे हैं दरअसल उसमें प्लास्टिक मिला है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना हाल ही में कर्नाटक के कुछ रेस्टोरेंट्स में इडली बनाने की प्रक्रिया में प्लास्टिक शीट्स के उपयोग को लेकर आई रिपोर्ट्स को खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गंभीरता से लिया है. एफएसएसएआई ने कर्नाटक राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग को रिपोर्ट जमा करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. एफएसएसएआई ने राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग को यह निर्देश दिया है कि वह इस मामले पर तुरंत आवश्यक कदम उठाएं और उन खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) या होटलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जो ऐसा कर रहे हैं. प्लास्टिक शीट्स के उपयोग की यह प्रक्रिया खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे प्लास्टिक से हानिकारक रसायनों के लीक होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है.ये भी पढ़ें- इन 4 लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है सुबह खाली पेट भीगी किशमिश का सेवनएफएसएसएआई के सीईओ जी कमला वर्धन राव ने कहा कि खाद्य तैयारी में निम्न गुणवत्ता या नॉन-फूड-ग्रेड प्लास्टिक का उपयोग, विशेष रूप से उच्च तापमान पर, गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है. ऐसे निम्न-ग्रेड प्लास्टिक में बिस्फेनोल ए (बीपीए), थैलेट्स और अन्य रसायन हो सकते हैं, जो उच्च तापमान के संपर्क में आने पर खाद्य पदार्थों में घुल सकते हैं और इससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. एफएसएसएआई राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है. इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं.एफएसएसएआई ने इस बात पर भी जोर दिया कि खाद्य तैयारी में खाद्य-ग्रेड सामग्री और स्वच्छता की प्रथाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. इडली को भाप में पकाने की प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से या उन अनुमोदित खाद्य-ग्रेड सामग्रियों का उपयोग करके की जानी चाहिए, जो रासायनिक संदूषण का खतरा पैदा न करें. बता दें कि कर्नाटक के होटल और सड़क किनारे संचालित हो रही दुकानों में इडली बनाने के दौरान पॉलीथिन शीट के इस्तेमाल होने को लेकर खुलासा हुआ है. जानकारी के अनुसार, कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने पाया है कि 251 होटलों में से 52 इडली बनाने के लिए प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल करते हैं.क्या है वजन कम करने का सही तरीका, कैसे बचें Yo-Yo Effect से, उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए वजन, पद्मश्री डॉक्टर से जानें

chemical plastic mix in idli: कर्नाटक के कुछ रेस्टोरेंट्स में इडली बनाने की प्रक्रिया में प्लास्टिक शीट्स के उपयोग को लेकर आई रिपोर्ट्स को खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गंभीरता से लिया है.
Bol CG Desk (L.S.)

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