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जय हो! सिक्किम में बाढ़ से टूटा संपर्क तो सेना ने 72 घंटे में बना दिया 70 फीट लंबा बेली ब्रिज

जय हो! सिक्किम में बाढ़ से टूटा संपर्क तो सेना ने 72 घंटे में बना दिया 70 फीट लंबा बेली ब्रिजसिक्किम में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा दी, इस कारण वहां के लोगों की जिंदगी बहुत ही खराब हो गई थी. लोगों को कई परेशानियों का सामना कर पड़ रहा था. कई इलाकों में सड़क मार्ग बाधित हो चुका है. इस आपदा में कई लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना को मैदान में उतारा गया है. इस संकट के बीच इंडियन आर्मी की त्रिशक्ति कोर के इंजीनियरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक बिज्र का निर्माण कर दिया.हाल ही में आई बाढ़ की वजह से उत्तरी सिक्किम के इलाकों में आवागमन बाधित हो गया. कई लोगों से संपर्क कट गए. गुवाहाटी के रक्षा पीआरओ ने बताया कि संपर्क और सामान्य स्थिति बहाल करने में बीआरओ और स्थानीय प्रशासन के सपोर्ट से त्रिशक्ति कोर के सेना इंजीनियरों ने लगातार बारिश और चुनौतीपूर्ण तकनीकी बाधाओं का सामना करते हुए डिकचू-संकलांग सड़क पर 70 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया.तीन दिन में बना पुल#WATCH | Supporting the efforts of BRO and local administration in restoring connectivity and getting normalcy back to areas cut off due to recent floods in Sikkim, Army engineers of Trishakti Corps constructed a 70 feet Bailey Bridge on road Dikchu – Sanklang, braving incessant… pic.twitter.com/NMQS2hawIC— ANI (@ANI) June 27, 2024उन्होंने कहा कि पुल निर्माण का कार्य 23 जून को शुरू हुआ था और खराब मौसम के बीच 72 घंटों के भीतर बनकर तैयार हो गया. डिकचू से संकलंग होते हुए चुंगथांग की ओर जाने वाले वाहनों के आवागमन के लिए यह पुल एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इस ब्रिज के जरिए ही मंगन जिले के लोगों तक चिकित्सा सहायता समेत बुनियादी चीजें पहुंचती हैं.सिक्किम में 11 जून से हो रही बारिशरक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य के वन मंत्री और आपदा प्रबंधन सचिव पिंटसो नामग्याल लेप्चा ने इस कार्य के लिए भारतीय सेना की सराहना की, जिन्होंने आज मौके का निरीक्षण किया था. आपको बता दें कि 11 जून से हो रही बारिश ने उत्तरी सिक्किम को काफी नुकसान पहुंचाया. इसकी वजह से कई भूस्खलन हुए हैं और कई सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं, जिससे क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह से टूट गया. 

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य के वन मंत्री और आपदा प्रबंधन सचिव पिंटसो नामग्याल लेप्चा ने इस कार्य के लिए भारतीय सेना की सराहना की, जिन्होंने आज मौके का निरीक्षण किया था.
Bol CG Desk

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