पैरों में आलता लगाने से क्या होता है, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व यहां
पैरों में आलता लगाने से क्या होता है, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व यहांAlta significance : भारतीय परंपराओं में महिलाओं का 16 श्रृंगार (women’s 16 shringar significance) अहम हिस्सा माना जाता है. यह न केवल महिलाओं को सुंदर दिखाते हैं बल्कि इनके धार्मिक और वैज्ञानिक रूप से कई लाभ हैं. आज इस लेख में हम महिलाओं के पैर में आलता लगाने के महत्व और फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर महिलाएं महावर धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहार पर क्यों लगाती हैं…Papaya health benefits : रोजाना 1 बाउल पपीता खाने से सेहत को मिल सकते हैं 5 बड़े फायदेपैर में आलता लगाने का धार्मिक महत्व – Religious significance of applying alta on feetयह सुहाग की निशानियों में से एक आलता या महावर लगाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. आपको बता दें कि लाल रंग सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. ऐसी मान्यता है आलता समृद्धि और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए देवताओं का आशीर्वाद प्रदान करता है.आलता को दो आत्माओं का मिलन का भी प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा पैरों में महावर लगाने से शरीर के साथ मानसिक सुरक्षा भी बनी रहती है.यही कारण है हिंदू धर्म में आलता विभिन्न अनुष्ठानों और त्योहारों के मौके पर लगाना जरूरी और शुभ माना जाता है. इसका लाल रंग पवित्रता और दिव्य स्त्री ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है.इसके अलावा महावर नवजात बच्चियों और कुंवारी कन्याओं के पैरों में भी लगाना शुभ माना जाता है. क्योंकि आलता मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. आपको बता दें कि विवाह के समय न सिर्फ महिला बल्कि पुरुष को भी आलता लगाया जाता है. पैर में आलता लगाने के वैज्ञानिक महत्व – Scientific importance of applying alta on feetवैज्ञानिकों का मानना है कि प्राकृतिक तरीके से तैयार आलता लगाने से तनाव कम होता है, एड़ियों को ठंडक मिलती है और पैर की स्किन भी खराब होने से बच जाती है.अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.