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100 साल पुराने मड़ई मेले का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ की परंपरा की दिख रही झलक

100 साल पुराने मड़ई मेले का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ की परंपरा की दिख रही झलकमड़ई मेले को प्रदेश का पहला मड़ई मेला माना जाता है, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में इसी परंपरा के अंतर्गत मड़ई मेलों का आयोजन होता है. मेले के आयोजक गणेश पवार के अनुसार, “मड़ई मेला हमारे पूर्वजों की परंपरा का हिस्सा है और यह मेला पूरी तरह निशुल्क होता है. यहां कोई भी व्यक्ति अपने स्टॉल निशुल्क रूप से लगा सकता है.

मड़ई मेले को प्रदेश का पहला मड़ई मेला माना जाता है, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में इसी परंपरा के अंतर्गत मड़ई मेलों का आयोजन होता है. मेले के आयोजक गणेश पवार के अनुसार, “मड़ई मेला हमारे पूर्वजों की परंपरा का हिस्सा है और यह मेला पूरी तरह निशुल्क होता है. यहां कोई भी व्यक्ति अपने स्टॉल निशुल्क रूप से लगा सकता है.
Bol CG Desk (L.S.)

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