इंदौर में महिला से पुरुष बने एक युवक ने युवती से की शादी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अक्टूबर में ट्रांसजेंडर विवाह को कानूनी मान्यता दी गई थी

इंदौर में महिला से पुरुष बने एक युवक ने युवती से शादी की है। यह देश का पहला मामला है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अक्टूबर में ट्रांसजेंडर विवाह Transgender Marriage को कानूनी मान्यता दी गई थी।
इसके बाद इंदौर Indore में महिला से पुरुष बने युवक ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत युवती से शादी की। यह शादी अलका से अस्तित्व बने युवक और युवती आस्था के बीच हुई है।

कोर्ट मैरिज में दोनों परिवारों के 25 लोग शामिल हुए। बीते साल अलका ने अपने 47वें जन्मदिन पर सर्जरी करवाकर अपना जेंडर स्त्री से पुरुष करवा लिया था। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर अस्तित्व कर लिया।
बहन की सहेली से की शादी
अस्तित्व ने आस्था से शादी की है जो उसकी बहन की सहेली है। आस्था को शुरू से ही इस बदलाव की जानकारी थी। उसे अलका के अस्तित्व बनने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया था। आस्था का कहना था कि हमने बहुत विचार करने के बाद शादी करने का निर्णय लिया। दोनों परिवारों को भी इसमें कोई समस्या नहीं थी। इसके बाद दोनों ने अपर कलेक्टर रोशन राय को अपनी स्थिति समझाते हुए विवाह का आवेदन दिया।
क्या है स्पेशल मैरिज एक्ट
स्पेशल मैरिज एक्ट सभी धर्मों पर लागू होता है। इस कानून के तहत शादी रजिस्टर करवाने के लिए धर्म बदलने की जरूरत नहीं है फिर चाहे वो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध या किसी भी धर्म का हो। इस कानून के जरिए भारत के हर नागरिक को ये संवैधानिक अधिकार दिया गया है कि वो जिस धर्म या जाति में चाहे, वहां शादी कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रांसजेंडर की शादियों का मामला विषमलैंगिक संबंध की प्रकृति का है और इसे भी कानूनी मान्यता दी जानी चाहिए।
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