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छत्तीसगढ़मुख्यमंत्रीराज्य सरकाररायपुर संभाग

अकादमिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और कर्मचारी हितों के साथ आगे बढ़ता छत्तीसगढ़

रायपुर।विज्ञान, प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक विषयों के लिए प्रयोगशालाएं, उपकरण और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ उतने ही आवश्यक हैं जितने कक्षा और कक्ष। वर्ष 2025-26 के दौरान प्रयोगशाला तकनीशियन के 260 रिक्त पदों के विरुद्ध 247 अभ्यर्थियों तथा प्रयोगशाला परिचारक के 429 रिक्त पदों के विरुद्ध 399 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता से प्रयोगशालाओं का नियमित संचालन और विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। वेतनमान, एरियर्स और सेवा सुरक्षा: कर्मचारियों का बढ़ा भरोसा विभागीय मजबूती का सबसे बड़ा आधार कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, न्यायपूर्ण वेतन संरचना और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान है।

आपातकालीन रूप से अचयनित रहे 72 सहायक प्राध्यापकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठ, प्रवर श्रेणी और पे-बैंड-4 की स्वीकृति देकर 37.23 करोड़ रुपये की एरियर्स राशि उनके खातों में अंतरित की गई है, जो संस्थागत न्याय का प्रतीक है।

इसी तरह, वर्ष 2021 और 2022 में नियुक्त लगभग 1168 सहायक प्राध्यापकों में से रिकॉर्ड 935 नवनियुक्त प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। परिवीक्षा समाप्त होना कर्मचारियों के लिए स्थायित्व और पेशेवर सुरक्षा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिससे विभाग के भीतर प्रतिबद्ध शैक्षणिक कार्यबल तैयार हुआ है।शोध, अनुसंधान और गैर-अकादमिक स्टाफ का कल्याण उच्च शिक्षा व्यवस्था में शोध और नवाचार की भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा 577 सहायक प्राध्यापकों को पीएचडी करने की अनुमति देना एक दूरदर्शी निर्णय है।

अधिक शिक्षक जब शोध से जुड़ेंगे, तो कक्षा में अद्यतन ज्ञान पहुंचेगा और महाविद्यालयों में बौद्धिक विमर्श का स्तर ऊपर उठेगा। शिक्षकों के साथ-साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी व्यवस्था की रीढ़ हैं। दिसंबर 2023 से अब तक दिवंगत कर्मचारियों के 34 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है, जो संकटग्रस्त परिवारों को जीवन संभालने का संबल देती है। इसके अतिरिक्त, 324 कर्मचारियों को उच्चतर समयमान वेतनमान प्रदान किया गया है और वर्ष 2024-25 की पदोन्नति संबंधी समस्त कार्यवाहियां समय सीमा में पूर्ण कर ली गई हैं।

उच्च शिक्षा में समग्र सुधार का उभरता मॉडल उच्च शिक्षा विभाग के ये फैसले मिलकर एक व्यापक परिवर्तनकारी मॉडल की रचना करते हैं, जहां नेतृत्व सुदृढ़ीकरण, नई भर्ती, सेवा सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण, तकनीकी संसाधन और शोध संवर्धन एक साथ आगे बढ़ते हैं। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन आज दिखाई दे रहे हैं, वे केवल विभागीय उपलब्धियों की सूची नहीं, बल्कि एक ऐसी नीति-दृष्टि हैं जिसमें शिक्षा को राज्य के भविष्य निर्माण का केंद्रीय माध्यम माना गया है। आने वाले समय में ये प्रयास छत्तीसगढ़ के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को ज्ञान, शोध, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।

Bol CG Desk (L.S.)

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