
- ग्रामीण आज भी आधुनिकता के युग में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे
दुनिशा मिश्रा, रायपुर । छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अभी भी सरकार की महत्वपूर्ण नल जल योजना सिर्फ कागजों में संचालित हो रही है. और ये बात चीख-चीख कर बयां कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के ग्रामीण। उनका कहना है … नल तो लगे हे पर पानी नई आवय … एक-एक बूँद बर तरसत हन. मतलब कई गांव में पानी की बूंद-बूंद के लिए ग्रामीण मोहताज हैं.
छत्तीसगढ़ में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां के ग्रामीण आज भी आधुनिकता के युग में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. कहने को प्रशासन ने कागजों पर नल जल योजना (nal jal yojana) की एक अच्छी image बनाई है, लेकिन हकीकत ठीक इसके विपरीत अपनी कहानी बयां कर रही है. कहा जाये तो गांव के हर गली में भले नल तो है पर जल नहीं.

सबसे बड़ी चीज पानी की समस्या
ग्रामीणों से हमारे टीम द्वारा बात करने पर पता चला की गांव में पानी की बूँद-बूँद के लिए भारी समस्या है । हर व्यक्ति के मुँह में एक ही बात थी की हर मौसम में पानी की समस्या ज्यादा हो रही है । नल तो है पर पानी की एक बूँद नहीं है।
नल चल रहे, पूर्ति नहीं होती
कई महिलाओं का कहना था की कई नल चल भी रहे हैं, तो आधे गांव को भी जरुरत के लायक पानी की पूर्ति नहीं हो रही है। पीने के पानी के लिए जद्दोजहज करना पड़ रहा है।
आबादी को देखते हुए कनेक्शन के लिए हाथ पैर जोड़ रहे
कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने जागरूकता दिखाते हुए बताया की गांव में आबादी ज्यादा है, पर नल कम है . कनेक्शन बढ़ाने के लिए department से बात की गई तो विभागों के पास एक से बढ़कर एक बहानो की कमी नहीं है।

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