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ट्रंप और कमला, जमकर जुबानी हमला: 10 पॉइंट्स में अमेरिकी प्रेसिडेंशियल डीबेट का सार समझिए

ट्रंप और कमला, जमकर जुबानी हमला: 10 पॉइंट्स में अमेरिकी प्रेसिडेंशियल डीबेट का सार समझिएपांच नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में से पहले बुधवार को दूसरा प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई. यह डिबेट फिलाडेल्फिया के नेशनल कांस्टीट्यूशन सेंटर में हो रही है. इसमें उप राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अपनी बात रखे रहे हैं.पहले इस चुनाव में ट्रंप और राष्ट्रपति जो बाइडन में मुकाबला होने वाला था लेकिन बाइडन के रेस से हटने के बाद उप राष्ट्रपति कमला हैरिस मैदान में हैं.जून में हुए पहले प्रेशिडेंशियल डिबेट में जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप ने हिस्सा लिया था. कैपिटल हिल दंगे में अपना हाथ होने से ट्रंप का इनकारप्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान कैपिटल हिल में हुए हंगामे को लेकर सवाल-जवाब हुए. इन दंगों में ट्रंप से उनकी भूमिका पर सवाल किया गया कि उन्होंने हमले से पहले व्हाइट हाउस में अपने भाषण में अपने समर्थकों से कैपिटल तक मार्च करने के लिए कहा और टीवी पर हमले को देखा.उन्होंने एक ट्वीट कर दंगाइयों को चले जाने को कहा.इस पर ट्रंप ने कहा,”मैंने अपने भाषण के दौरान शांतिपूर्वक ढंग और देशभक्ति से कहा, बाद में नहीं.” उन्होंने अपने भाषण  में हिंसा की अपील करने से इनकार किया.मॉडरेटर ने उनसे पूछा कि क्या आपको उस दिन के लिए कोई पछतावा है?” इस पर ट्रंप ने कहा,”मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं था, सिवाय इसके कि उन्होंने मुझसे भाषण देने के लिए कहा था.” उन्होंने इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की लीडर नैंसी पेलोसी को जिम्मेदार ठहराया.दरअसल छह जनवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने यूएस कैपिटल पर धावा बोल दिया था.इस दौरान ट्रंप पर कैपिटल में दंगा भड़काने को लेकर आरोप हैं,लेकिन यह मामला अभी लंबित है.इस पर हैरिस ने कहा,”उस दिन संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमारे देश की कैपिटल को अपवित्र करने के लिए एक हिंसक भीड़ को हमारे देश की कैपिटल पर हमला करने के लिए उकसाया था.” हैरिस ने कहा कि ट्रंप को बिल्कुल इसी वजह से दोषी ठहराया गया और महाभियोग चलाया गया. अमेरिका की अफगानिस्तान से वापसी कैसी होती?इस बहस के दौरान ट्रंप और हैरिस से अमेरिकी सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी को लेकर सवाल किया गया. इस सवाल पर कमला हैरिस ने राष्ट्रपति जो बाइडन की नीतियों से सहमति जताई और कहा कि लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि वापसी किन परिस्थितियों में हुई.तालिबान के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा,”राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे कमजोर सौदों में से एक पर बातचीत की जिसकी आप कल्पना कर सकते हैं.” उन्होंने ट्रंप पर तालिबान को कैंप डेविड बुलाने का आरोप लगाया. हैरिस के आरोपों पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने तालिबान से इसलिए बातचीत शुरू की क्योंकि वो हत्याएं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जिस सौदे से अमेरिका पीछे हट गया, वह एक अच्छी डील थी. उन्होंने कहा कि अगरे अमेरिका की वापसी के समय वह राष्ट्रपति होते तो अफगानिस्तान में न तो कोई अमेरिकी छूटता और न ही कोई हथियार.ट्रंप ने हैरिसा को क्यों बताया सबसे खराब राष्ट्रपतियूक्रेन रूस युद्ध को लेकर ट्रंप से सवाल किया गया कि क्या वो चाहते हैं कि यह युद्ध यूक्रेन जीते. इस सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वो चाहते हैं कि युद्ध रुक जाए.उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध की कीमत का अमेरिका पर पड़ने वाले प्रभाव दावा करते हुए कहा कि यूरोप अमेरिका की तुलना में इस युद्ध में बहुत कम भुगतान कर रहा है.उन्होंने कहा कि वो यूक्रेन के राष्ट्रपति वव्लादोमिर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.इस पर कमला हैरिस ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ उनके मजबूत रिश्ते हैं.उन्होंने कहा कि हमारे नैटो के सहयोगी इस बात के बहुत आभारी हैं कि अब आप राष्ट्रपति नहीं हैं.उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति होते तो रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूरोप के बाकी हिस्सों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए कीव में बैठे होते. उन्होंने कहा कि पुतिन एक तानाशाह हैं जो आपको लंच में खा जाएंगे.हैरिस के इस जवाब पर ट्रंप ने हैरिस को इतिहास की सबसे खराब उपराष्ट्रपति बताया. उन्होंने दावा किया कि वह हमले से पहले यूक्रेन और रूस के बीच बातचीत कर युद्ध को रोकने में विफल रहीं.अर्थव्यवस्था के सवाल पर भिड़े ट्रंप और हैरिसडिबेट के दौरान पहला सवाल अर्थव्यवस्था को लेकर किया गया था. दोनों उम्मीदवारों से पूछा गया था कि क्या आपको लगता है कि अमेरिकी चार साल पहले की तुलना में अच्छी आर्थिक स्थिति में हैं. इस सवाल पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि उनके पास अवसरों की अर्थव्यवस्था बनाने की योजना है. उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि घरों की कीमत कम हो, जिससे युवा भी घर ले सकें. हैरिस ने ट्रंप पर उनके पूर्व कार्यकाल को लेकर हमला बोला.उन्होंने कहा कि ट्रंप की योजना वही करने की है जो उन्होंने पहले किया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने  अरबपतियों और निगमों के लिए कर में कटौती की योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों पर ट्रंप के सेल टैक्स का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने की कसम खाई है. उन्होंने कहा कि आखिरकार…हमने दुनिया के लिए जो किया है, उसका बदला चुका रहे हैं. चीन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने टैरिफ के माध्यम से उससे अरबों डॉलर वसूले हैं जो उनके पद छोड़ने के बाद भी यथावत बने हुए हैं.इस पर हमला करते हुए हैरिस ने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका में बेरोजगारी ग्रेट डिप्रेशन से भी बुरी हालत में पहुंच गई.उन्होंने कहा कि हमने अपने कार्यकाल में इसे कम करने की कोशिश की है.हैरिस ने ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट 2025’को एक खतरनाक योजना बताते हुए कहा कि ट्रंप अगर राष्ट्रपति बने तो वे इसे लागू करेंगे. हैरिस ने कहा कि ट्रंप जो कहते हैं, उसकी आलोचना 16 नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री कर चुके हैं. उनका मानना है कि अगर इन्हें लागू किया गया तो अगले साल मंदी आ जाएगी.गर्भपात पर क्या बोले ट्रंप और हैरिसअर्थव्यस्था के बाद अगला सवाल गर्भपात को लेकर किया गया. इसका अधिकार होना चाहिए या नहीं. यही सवाल था. इस सवाल पर ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर जमकर हमला बोला.उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट गर्भावस्था के ‘नौवें महीने’ में भी गर्भपात की इजाजत देना चाहते हैं. उन्होंने इस मामले में डेमोक्रेट को कट्टरपंथी बताया.उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद पर हैरिस की पसंद टिम वाल्ज ने नौवें महीने में गर्भपात की वकालत की है.ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर फैसला राज्यों को करने की वकालत की.उन्होंने कहा कि वो बलात्कार और दुराचार जैसे मामलों को अपवाद मानते हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस गर्भपात के मुद्दे को लेकर काफी संवेदनशील मानी जाती हैं.ट्रंप ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चे को जन्म के बाद मार देने का अधिकार देना चाहती है.इसके जवाब में हैरिस ने कहा कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जहां इस तरह का कोई कानून हो. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने गर्भपात के राष्ट्रीय अधिकार को पलटने वाले सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों को नियुक्त किया था. हैरिस ने अपने जवाब में बहुत से तथ्य और आंकड़े दिए. हैरिस गर्भपात को लेकर काफी गंभीर रही हैं. यह उनके प्रमुख मुद्दे में से एक है. इस मुद्दे को लेकर वो काफी जज्बाती हैं.उन्होंने कहा, “मैंने महिलाओं से बात की है,अपने आप हो जाने वाले गर्भपात से पीड़ित महिलाओं की अस्पतालों की इमरजेंसी में भी देखभाल नहीं की जा रही है, क्योंकि स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को डर है कि वे जेल जा सकते हैं.” हैरिस ने प्रजनन अधिकारों पर बाइडन प्रशासन की नीतियों की वकालत की.ये भी पढ़ें: निक्सन-कैनेडी से लेकर ट्रंप-बाइडेन तक… ये हैं अमेरिका के 5 सबसे चर्चित प्रेसिडेंशियल डिबेट

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले बुधवार को दूसरी प्रेशिडेंशियल डिबेट हुई.इसमें उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बात रखी. दोनों नेताओं ने आर्थिक नीतियों, स्वास्थ्य नीतियों, गर्भपात, राष्ट्रीय सुरक्षा, नौकरियों के मुद्दों पर अपनी बात रखी.
Bol CG Desk (L.S.)

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