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7 जिले की 24 सीटें, 219 कैंडिडेट और 8 पार्टियां… जम्मू-कश्मीर में आज पहले फेज की वोटिंग

7 जिले की 24 सीटें, 219 कैंडिडेट और 8 पार्टियां… जम्मू-कश्मीर में आज पहले फेज की वोटिंगजम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा (Jammu-Kashmir Assembly Elections 2024) के चुनाव हो रहे हैं. बुधवार (18 सितंबर) को पहले फेज में 7 जिलों की कुल 24 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है. फर्स्ट फेज की 24 में से 8 सीटें जम्मू डिवीजन और 16 सीटें कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में है. सबसे ज्यादा 7 सीटें अनंतनाग और सबसे कम 2-2 सीटें शोपियां और रामबन जिले की हैं. ये चुनाव इसीलिए भी खास है, क्योंकि यहां आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद ये पहला विधानसभा का चुनाव है. 2014 के इलेक्शन में जम्मू-कश्मीर एक राज्य था. BJP और PDP की गठबंधन सरकार थी. लेकिन हम हालात बदल चुके हैं. अब जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है. आइए जानते हैं जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले फेज में किन-किन सीटों पर वोटिंग होनी है? कौन सी हॉट सीटों पर सबकी निगाह रहेगी? मतदान को लेकर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं:-किस जिले की किन सीटों पर वोटिंग?पहले फेज में पुलवामा की 4 सीटों, शोपियां की 2, कुलगाम की 3, अनंतनाग की 7, रामबन की 2, किश्तवाड़ की 3 सीटों और डोडा जिले की 3 सीटों पर वोटिंग होनी है.पहले फेज में 23.27 लाख वोटर चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले फेज में कुल 23,27,580 निर्वाचक मतदान करने के लिए पात्र है. इनमें 11,76,462 पुरुष, 11,51,058 महिलाएं और 60 तृतीय लिंग मतदाता हैं. पहले फेज में 18 से 19 वर्ष की आयु के 1.23 लाख युवा, 28,309 दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के 15,774 बुजुर्ग मतदाता भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. 1.23 लाख फर्स्ट टाइम वोटर भी पहली दफा वोट डालेंगे.PDP के सबसे ज्यादा 18 कैंडिडेट्स करोड़पतिएसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने की रिपोर्ट के मुताबिक, फेज-1 के 219 कैंडिडेट्स की औसत संपत्ति 3 करोड़ रुपये है. पहले फेज के कुल 219 उम्मीदवारों में से 50% यानी 110 कैंडिडेट करोड़पति हैं. इनके पास एक करोड़ या उससे ज्यादा की संपत्ति है. PDP के 21 में 18 कैंडिडेट करोड़पति हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के 16 कैंडिडेट, BJP के 11, कांग्रेस के 8 डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी ने 5 और CPIM के एक उम्मीदवार करोड़पति हैं. AAP और JDU भी चुनाव लड़ रही है. ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले फेज की वोटिंग में PDP अब्दुल गफ्फार सोफी सबसे अमीर कैंडिडेट हैं, उनके पास 66 करोड़ रुपये की संपत्ति है. जबकि AAP के फयाज अहमद सोफी सबसे कम संपत्ति वाले कैंडिडेट हैं. उनके पास सिर्फ 10 हजार रुपये हैं.36 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामलेADR की रिपोर्ट के मुताबिक,  219 में से 16% यानी 36 उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं. 11% यानी 25 कैंडिडेट्स ऐसे हैं जिन पर हत्या, किडनैपिंग जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. 4 उम्मीदवारों पर हत्या की कोशिश के मामले हैं. 2 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं.इन हॉट सीटों पर रहेगी नज़र-बिजबेहरा से चुनाव लड़ रहीं PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती का नेशनल कॉन्फ्रेंस के बशीर अहमद वीरी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सोफी मोहम्मद यूसुफ से त्रिकोणीय मुकाबला है.-पुलवामा सीट पर PDP के वहीद पारा चुनाव लड़ रहे हैं. वह आतंकवाद के एक मामले में आरोपी हैं. उन्हें पार्टी के पूर्व सहकर्मी और नेशनल कॉन्फ्रेंस उम्मीदवार मोहम्मद खलील बंद से कड़ी चुनौती मिल रही है. प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सदस्य तलत मजीद अली के भी मैदान में उतरने से इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है.-73 वर्षीय मोहम्मद खलील बंद तीन बार के विधायक हैं. उन्होंने PDP के टिकट पर लगातार 2002, 2008 और 2014 का विधानसभा चुनाव जीता. हालांकि, आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद जब PDP विभाजित होने लगी, तो बंद नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गए.-36 साल के पारा ने 2008 और 2014 के चुनावों में पुलवामा से PDP के युवा नेता के रूप में उनके लिए प्रचार किया था. अब दोनों एक-दूसरे के खिलाफ कड़े चुनावी मुकाबले में हैं. -कश्मीर में प्रमुख उम्मीदवारों में, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी कुलग्राम सीट से लगातार पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) महासचिव गुलाम अहमद मीर डूरू से तीसरी बार, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की सकीना इटू दमहाल हाजीपोरा से चुनाव लड़ रहीं हैं. जम्मू कश्मीर में वामपंथ का किला है कुलगाम,CPM के यूसुफ तारिगामी को इनसे मिल रही है चुनौती-पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के सरताज मदनी (देवसर) और अब्दुल रहमान वीरी (शांगस-अनंतनाग) भी प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं.- बिजबेहारा क्षेत्र में जब इल्तिजा को उतारा गया, तो PDP को बगावत भी झेलनी पड़ी थी, क्योंकि इस इलाके को PDP उपाध्यक्ष अब्दुल रहमान भट रिप्रेजेंट करते रहे हैं. अब्दुल रहमान ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ 1998 के विधानसभा उपचुनावों के बाद से चार बार सीट जीती थी. BJP ने यहां से पूर्व एमएलसी सोफी यूसुफ को मैदान में उतारा है. माना जा रहा है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में बुधवार को इल्तिजा और बशीर वीरी के बीच द्विपक्षीय मुकाबला होगा. -वैसे इल्तिजा PDP के कैडर वोट पर भरोसा कर रही हैं. वो उम्मीद कर रही हैं कि 5 अगस्त, 2019 के बाद आर्टिकल 370 पर उनका मुखर रुख युवा मतदाताओं को उनकी ओर आकर्षित कर सकता है. उनकी नियमित सोशल मीडिया उपस्थिति ने उन्हें प्रमुखता प्रदान की. इसका फायदा उन्होंने अपने चुनावी करियर में भुनाने की कोशिश की. लेकिन, जमात और AIP का गठबंधन यहां भी असर दिखा सकता है.कुलगाम में रेड vs ग्रीन की लड़ाई -कुलगाम विधानसभा क्षेत्र में कश्मीर घाटी के एकमात्र कम्युनिस्ट नेता मुहम्मद यूसुफ राथर अपने पैतृक गांव तारिगामी के नाम से लोकप्रिय हैं. वो पहली बाद इस इलाके में प्रतिबंधित जमात का सामना कर रहे हैं. जमात यहां JEI के पूर्व सदस्य सयार अहमद रेशी का समर्थन कर रहा है. -त्राल विधान सभाक्षेत्र में सिंह बनाम सिंह के बीच दो सिख उम्मीदवारों की लड़ाई है. त्राल में दिलचस्प लड़ाई दो सिख उम्मीदवारों के बीच होगी. -दक्षिण कश्मीर के त्राल से दो सिख उम्मीदवार, जबकि दक्षिण कश्मीर के त्राल से 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. यहां कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह, PDP ने रफीक अहमद नायक को उम्मीदवार बनाया है. यह इकलौती सीट है, जहां से दो अन्य सिख उम्मीदवार पुष्विंद्र सिंह और हरबख्श सिंह सासन भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. -इंजीनियर रशीद की अवामी इतेहाद पार्टी (AIP) ने भी एक सिख उम्मीदवार डॉ. हरबख्श सिंह को मैदान में उतारा है, जिन्हें शांति के नाम से जाना जाता है.जमात पर सब की नज़र -जैनीपोरा से पहले सर्जन बरकटिये ने पर्व भरा था, लेकिन उसका पर्चा ख़ारिज हो गया. इसीलिए जमात अब PDP के पूर्व विधायक ऐजाज अहमद मीर का समर्थन कर रही है. अहमद मीर महबूबा मुफ्ती द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद जैनापोरा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. -इन चार सीटों के अलावा, बनिहाल और ज़ैनापोरा विधानसभा क्षेत्रों पर भी नजर रहेगी. बनिहाल विधानसभा क्षेत्र में NC और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. छोटे दलों का ‘जोड़’, निर्दलीयों का ‘गुणा’ और 28 सीटों का ‘घटाना’… समझिए कश्मीर के लिए BJP का सियासी गणित-INDIA ब्लॉक के साझेदारों ने इसे “एक दोस्ताना” प्रतियोगिता का नाम दिया है. भले ही दोनों दलों के उम्मीदवारों ने प्रचार के दौरान कुछ भी दोस्ताना नहीं रखा. कांग्रेस के दो बार के विधायक और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष विकार रसूल और एनसी के सज्जाद शाहीन चिनाब घाटी सीट पर सीधे चुनाव में आमने-सामने हैं. बता दें कि 90 सीटों वाले जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए दूसरे फेज की वोटिंग 25 सितंबर को होगी. दूसरे फेज में 26 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. तीसरे फेज के लिए 1 अक्टूबर को 40 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे.घोषणा पत्र में अनुच्छेद-370 पर चुप्पी क्यों साध गई कांग्रेस, कैसा रहा है उसके नेताओं का रवैया

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले फेज में पुलवामा की 4 सीटों, शोपियां की 2, कुलगाम की 3, अनंतनाग की 7, रामबन की 2, किश्तवाड़ की 3 सीटों और डोडा जिले की 3 सीटों पर वोटिंग होनी है.
Bol CG Desk (L.S.)

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