बार-बार खाने की आदत से आंतों में सड़ने लगता है खाना, जानिए पाचन तंत्र से कैसे निकलेंगे टॉक्सिंस
बार-बार खाने की आदत से आंतों में सड़ने लगता है खाना, जानिए पाचन तंत्र से कैसे निकलेंगे टॉक्सिंसHealthy Tips: भोजन संबंधी खराब आदतें कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकती हैं. इसमें एक प्रमुख समस्या है कब्ज की परेशानी. कई लोगों को कब्ज की समस्या होती है और आधे घंटे तक टॉयलेट में बैठे रहने के बावजूद पेट नहीं साफ होने की समस्या रहती है. ठीक से पेट साफ नहीं होने की समस्या पूरी सेहत पर असर डाल सकती है. लंबे समय तक कब्ज रहने पर आंतों में गंदगी जमा होने लगती है जिससे कई प्रकार की सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. प्राकृतिक रूप से आंतों का डिजाइन ऐसा है कि हम जो भी खाते हैं अगले दिन वह बाहर निकल जाना चाहिए. जिनकी बॉडी में यह सिस्टम ठीक से काम करता है वे सेहतमंद रहते हैं लेकिन जिनका पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता है उनकी आंतों में गंदगी सड़ने लगती है.कुछ लोगों की बार-बार खाने की आदत (Frequent Eating) के कारण भी आंतों में गंदगी जमा होने की समस्या हो सकती है. सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार सुबह उठने के बाद बॉडी बीस मिनट के अंदर खुद को साफ कर लेती है. अगर ऐसा नहीं है तो आंतों के सिस्टम में परेशानी है. कुछ लोगों को बार-बार खाने की आदत होती है. इससे डाइजेशन पर दबाव बढ़ने लगता है. ऐसे में खाने के बीच में 3 घंटे का का गैप रखना जरूरी होता है. आइए जानते हैं आंतों में जमा टॉक्सिन को निकालने के कुछ बेहद कारगर टिप्स.इस विटामिन की कमी से शरीर में मच जाती है खलबली, 5 दिक्कतों की वजह बनता है यह एक Vitaminआंतों में जमा टॉक्सिन निकालने के टिप्स | Tips To Remove Toxins From Intestineसप्ताह में एक दिन उपवासआयुर्वेद में उपवास का बहुत महत्व बताया गया है. यह शरीर के साथ-साथ मन को भी रिचार्ज कर देता है. आयुर्वेद के अनुसार सप्ताह में एक बार उपवास रखने पर आंतों की सफाई हो जाती है और उसमें जमा टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं. इससे पाचन अग्नि तेज हो जाती है. उपवास के दौरान पानी, फलों का ताजा रस, हर्बल टी से इस प्रोसेस को और असरदार करने में मदद मिल सकती है.माह में एक बार कैस्टर ऑयलआंतों की बेहतर हेल्थ के लिए माह में एक बार कैस्टर ऑयल का सेवन करना चाहिए. जिन लोगों को कब्ज की ज्यादा परेशानी हैं उन्हें सप्ताह में एक बार कैस्टर ऑयल (Castor Oil) लेना चाहिए. इससे ब्लोटिंग और एसिडिटी से भी राहत मिलती है. कैस्टर ऑयल के सेवन से आंतों की अच्छी सफाई हो जाती है.नीम का सेवनआयुर्वेद में नीम को महा औषधि माना जाता है. नीम (Neem) के सेवन से आंतों की सेहत को बेहतर करने में मदद मिलती है. नीम में एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण होते हैं जिससे आंतों की हेल्थ बेहतर करने में मदद मिलती है. यह आंतों की सूजन को कम करता है. इससे गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं और कब्ज से राहत मिलती है. नीम के पत्तों को पीसकर गोली बनाकर लेने से पेट संबंधी कई तरह की समस्याओं से राहत मिल सकती है.माह में एक बार करें आंतों की सफाईडाइजेशन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए माह में एक बार आंतों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. इसके लिए ऊपर बताए गए टिप्स आजमाए जा सकते हैं. इनकी मदद से आंतों में जमा सारी गंदगी साफ हो जाएगी और इसका सीधा असर ओवरऑल सेहत पर पड़ेगा. इससे डाइजेशन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ सिरदर्द जैसी परेशानी से भी राहत मिलेगी. इसीलिए आंतों की सेहत का असर पूरे शरीर पर पड़ता है. अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.