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दो साल बाद महिला को याद आया घर का रास्ता, अपनों को देख छलक उठे खुशी के आंसू
दो साल बाद महिला को याद आया घर का रास्ता, अपनों को देख छलक उठे खुशी के आंसूKorba Apna Ghar Seva Ashram: कोरबा की रहने वाली अनिता बाई की कहानी भावुक कर देने वाली है. मानसिक बीमारी से जूझ रही अनिता बाई पिछले दो साल से अपने परिवार से दूर अपना घर सेवा आश्रम में रह रही थी. अनीता बाई ने आश्रम के संचालक राणा मुखर्जी को परिवार का पता बताया. इसे बाद पुलिस की मदद से अनिता के परिवार तक पहुंचे. अनिता लंबे अंतराल के बाद परिवार से मिली तो भावुक हो उठी. इस नेक कार्य के लिए अपना घर सेवा आश्रम का अभार व्यक्त किया.
Korba Apna Ghar Seva Ashram: कोरबा की रहने वाली अनिता बाई की कहानी भावुक कर देने वाली है. मानसिक बीमारी से जूझ रही अनिता बाई पिछले दो साल से अपने परिवार से दूर अपना घर सेवा आश्रम में रह रही थी. अनीता बाई ने आश्रम के संचालक राणा मुखर्जी को परिवार का पता बताया. इसे बाद पुलिस की मदद से अनिता के परिवार तक पहुंचे. अनिता लंबे अंतराल के बाद परिवार से मिली तो भावुक हो उठी. इस नेक कार्य के लिए अपना घर सेवा आश्रम का अभार व्यक्त किया.
