राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत के ‘संघ शिक्षा वर्ग’ हुए संपन्न, सूरजपुर और रायगढ़ में लगे थे वर्ग…

रायपुर 04 जून 2026

छत्तीसगढ़ प्रांत में संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य विद्यार्थी/महाविद्यालयीन), सूरजपुर एवं संघ शिक्षा वर्ग (तरुण व्यवसायी), रायगढ़ संपन्न हुए। दोनों वर्गों का समापन 31 मई 2026 एवं दीक्षांत समारोह 01 जून 2026 को संपन्न हुआ। सूरजपुर में कुल 196 एवं रायगढ़ में कुल 107 शिक्षार्थियों, अर्थात् प्रांत में कुल 303 शिक्षार्थियों ने कड़े अनुशासन के बीच आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर किया।

संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य), सूरजपुर: भारी बारिश के बीच दिखा स्वयंसेवकों का अटूट अनुशासन
सूरजपुर के साधु राम विद्या मंदिर में 16 मई से आयोजित संघ शिक्षा वर्ग, सूरजपुर का समापन 31 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस वर्ग में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों से आए कुल 196 शिक्षार्थियों ने सहभागिता दी। समापन अवसर भारी बारिश के बीच भी सभी कार्यक्रम यथावत जारी रहे। मूसलाधार बारिश के बीच लगभग 45 मिनट तक स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत गणसमता, पदविन्यास, दंड संचालन, खेल, योगासन एवं सामाजिक समरसता का सामूहिक प्रदर्शन अत्यंत गरिमामय और दर्शनीय रहा।

समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संत बाल भगवान राम जी ने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए कहा, “मैं रविदास समाज से हूं, परंतु संत-महात्मा किसी एक समाज के नहीं होते, वे संपूर्ण समाज और मानव जाति के कल्याण के लिए संदेश देते हैं। हम सबको याद रखना है कि ‘देश सर्वोपरि है’। राष्ट्र की सेवा के लिए हमें सेवा, संकल्प और समर्पण के साथ काम करना होगा।”
मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव जी ने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जलवृष्टि के रूप में हमें सर्वशक्तिमान का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा प्रारंभ किए गए व्यक्ति-निर्माण के कार्य और संघ की शाखा पद्धति पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से स्वयंसेवक समाज के हर सकारात्मक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।”
वहीं, प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा जी ने 01 जून 2026 को दीक्षांत समारोह में कहा कि 15 दिनों के सामूहिक जीवन से स्वयंसेवकों में एकात्मता का भाव सुदृढ़ हुआ है, जिसका लाभ उन्हें कार्यक्षेत्र में समाज संगठन के रूप में मिलेगा।
संघ शिक्षा वर्ग, रायगढ़: युवाओं को मिला ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘पंच परिवर्तन’ का संदेश
इसी श्रृंखला में, रायगढ़ के वैदिक इंटरनेशनल स्कूल में 16 मई से आयोजित 15 दिवसीय रायगढ़ में तरुण व्यवसायी संघ शिक्षा वर्ग का भव्य एवं गरिमामय समापन रविवार सायं स्थानीय शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में संपन्न हुआ। इस आवासीय प्रशिक्षण वर्ग में कुल 107 व्यवसायी शिक्षार्थी और 36 शिक्षकों व प्रबंधकों सहित कुल 200 की आवासीय उपस्थिति रही।
समापन समारोह में रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से 2,000 से अधिक नागरिकों, व्यवसायियों, प्रबुद्धजनों और मातृशक्ति की उपस्थिति से वातावरण राष्ट्रमय हो गया। यहाँ स्वयंसेवकों ने समता, नियुद्ध, दंड संचालन तथा संघ घोष के साथ अत्यंत प्रभावशाली शारीरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया।

मुख्य वक्ता, अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री (विद्या भारती) श्रीराम अरावकर जी ने अपने संबोधन में कहा कि, “इस वर्ग का उद्देश्य युवा वर्ग में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करना और उन्हें समाज जीवन में सकारात्मक भूमिका के लिए तैयार करना है।” उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ के संदेश पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षार्थियों ने स्वयं का व्यय वहन कर तथा 15 दिनों तक मोबाइल फोन से पूरी तरह दूर रहकर आत्मसंयम और देशभक्ति के संस्कार अर्जित किए।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ सिख समाज के जिला अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह टुटेजा थे। मंच पर वर्ग सर्वाधिकारी संजय पाण्डेय एवं जिला संघचालक डॉ. प्रकाश मिश्रा भी मंचासीन रहे।
वर्ग कार्यवाह दिलेश्वर उमरे ने वर्ग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और व्यवस्था प्रमुख भरत साहू द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी दिखाई दी, जहाँ अधिकांश नागरिक प्रधानमंत्री जी के आह्वान का पालन करते हुए कार-पूलिंग (संयुक्त रूप से यात्रा) कर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।



