सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, कला जगत में शोक की लहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकगायन परंपरा की अमर आवाज और पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। रायपुर के एम्स अस्पताल में 70 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं तीजन बाई के निधन से लोककला जगत ने अपनी सबसे बुलंद आवाज खो दी। भारत व विदेशो मे अपने नाम का परचम लहराने वाली पंडवानी गायिका तीजन बाई आज हॉस्पिटल एम्स मे रात्रि 3 बज के 15 मिनट में स्वर्गवास हो गया।
परिजनों के अनुसार, डॉ. तीजन बाई ने रविवार तड़के करीब 3:15 बजे एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा था और उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर सामने आते ही कलाकारों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला ने लोक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और लाखों लोगों को भारतीय लोक संस्कृति से जोड़ने का काम किया।



