बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘हनुमान अंश’, 100 करोड़ क्लब के करीब पहुंची, छोटे बजट की फिल्म ने किया बड़ा कमाल

नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों एक ऐसी फिल्म ने सबका ध्यान खींच लिया है, जिसने बिना बड़े स्टार, भारी-भरकम बजट और जोरदार प्रमोशन के शानदार प्रदर्शन किया है। डिवोशनल ड्रामा फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के बाद धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की और अब यह 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने की रेस में पहुंच गई है।
फिल्म की शुरुआत भले ही उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं रही, लेकिन समय के साथ दर्शकों की संख्या बढ़ती गई। खास तौर पर दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी ने फिल्म को मजबूती दी। शुरुआती दिनों में सीमित दर्शक जुटाने वाली फिल्म ने बाद के सप्ताहों में ऐसा रफ्तार पकड़ा कि इसकी चर्चा ट्रेड सर्किल में भी होने लगी।
धीमी शुरुआत के बाद रफ्तार ने चौंकाया
‘हनुमान अंश’ की कहानी और विषय को देखते हुए शुरुआत से ही इसे एक खास दर्शक वर्ग की फिल्म माना जा रहा था। फिल्म ने रिलीज के शुरुआती दिनों में धीमी शुरुआत की, लेकिन दर्शकों से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के बाद इसके कलेक्शन में लगातार सुधार देखने को मिला। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे देखने वाले दर्शकों ने अपने अनुभव दूसरों के साथ साझा किए। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत बातचीत के जरिए फिल्म को लेकर सकारात्मक माहौल बनने लगा। इसका सीधा फायदा सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या पर दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म के तीसरे और चौथे सप्ताह में कमाई में खास उछाल देखने को मिला। कई फिल्मों के लिए जहां रिलीज के बाद शुरुआती सप्ताह सबसे अहम माना जाता है, वहीं ‘हनुमान अंश’ ने इसके उलट लंबे समय तक दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफलता हासिल की।
करीब 2 करोड़ के बजट में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
‘हनुमान अंश’ की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि फिल्म का निर्माण करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में किया गया है। इतने छोटे बजट में बनी फिल्म का 100 करोड़ रुपये के क्लब के करीब पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। फिल्म की कमाई और लागत के बीच का अंतर इसे एक संभावित बड़ी व्यावसायिक सफलता बनाता है। ट्रेड जगत में भी फिल्म के प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई और लगातार कमाई जारी रखी। फिल्म की सफलता उन निर्माताओं के लिए भी उम्मीद पैदा करती है, जो कम बजट में मजबूत कहानी और विषय के साथ फिल्म बनाने का प्रयास करते हैं।
बड़े स्टार्स और फिल्मों के बीच बनाई जगह
बॉक्स ऑफिस पर आमतौर पर बड़ी फिल्मों को बड़े सितारों, भारी बजट और व्यापक प्रचार का फायदा मिलता है। ऐसे माहौल में ‘हनुमान अंश’ जैसी छोटे बजट की फिल्म का लगातार अच्छा प्रदर्शन करना फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी दिलचस्प उदाहरण बन गया है। फिल्म ने अपनी स्थिर कमाई के दम पर सिनेमाघरों में अपनी मौजूदगी बनाए रखी। दर्शकों की मांग को देखते हुए कई जगहों पर इसके शो बढ़ाए जाने की बात भी सामने आई है। फिल्म की यह सफलता इस ओर इशारा करती है कि आज के दौर में केवल स्टार पावर या बड़े बजट से ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता तय नहीं होती। अगर कहानी दर्शकों से जुड़ जाए और फिल्म भावनात्मक स्तर पर प्रभाव छोड़ने में सफल हो, तो दर्शक उसे लंबे समय तक सिनेमाघरों में बनाए रख सकते हैं।
नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित कहानी
‘हनुमान अंश’ को आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित बताया जा रहा है। फिल्म में आस्था, सेवा, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभवों को कहानी के केंद्र में रखा गया है। फिल्म का विषय उन दर्शकों के बीच विशेष रूप से पसंद किया जा रहा है, जिनकी रुचि धार्मिक और आध्यात्मिक कथाओं में है। कहानी में भक्ति और मानवीय मूल्यों को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में कामयाब रही है। फिल्म का उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं को सामने रखना नहीं, बल्कि आस्था और सेवा से जुड़े विचारों को कहानी के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाना भी बताया जा रहा है। यही वजह है कि फिल्म को एक खास वर्ग से लगातार समर्थन मिल रहा है।
वर्ड ऑफ माउथ बना फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
‘हनुमान अंश’ की सफलता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वर्ड ऑफ माउथ की रही है। फिल्म के पास शुरुआत में न तो बड़े स्तर का प्रचार था और न ही किसी बड़े स्टार की मौजूदगी। इसके बावजूद दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म को आगे बढ़ाने का काम किया। जिन दर्शकों ने फिल्म देखी, उन्होंने इसे दूसरों को देखने की सलाह दी। इसके बाद धीरे-धीरे सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी। यही कारण है कि फिल्म ने रिलीज के कई सप्ताह बाद भी अपनी पकड़ बनाए रखी। फिल्म के प्रदर्शन से यह भी साबित होता है कि दर्शकों का भरोसा किसी फिल्म के लिए सबसे प्रभावी प्रचार साबित हो सकता है। खासकर ऐसी फिल्मों के लिए, जिनका विषय एक खास दर्शक वर्ग से भावनात्मक रूप से जुड़ा हो।
100 करोड़ क्लब पर निगाहें
अब फिल्म की नजर 100 करोड़ रुपये के आंकड़े पर है। फिल्म ने जिस तरह से लंबे समय तक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी है, उससे 100 करोड़ क्लब में प्रवेश की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, फिल्म को यह आंकड़ा पार करने के लिए अपनी मौजूदा कमाई की रफ्तार बनाए रखनी होगी। आने वाले दिनों में दर्शकों की रुचि और सिनेमाघरों में इसके शो की संख्या यह तय करेगी कि फिल्म कितनी जल्दी इस उपलब्धि तक पहुंचती है। अगर फिल्म इसी तरह दर्शकों को आकर्षित करती रही, तो ‘हनुमान अंश’ कम बजट में बनी उन चुनिंदा डिवोशनल फिल्मों की सूची में शामिल हो सकती है, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई करके इंडस्ट्री को चौंकाया है।
छोटे बजट की फिल्मों के लिए बनी मिसाल
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस सफर सिर्फ एक फिल्म की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह बदलते दर्शक रुझान की ओर भी इशारा करता है। फिल्म ने साबित किया है कि दर्शक किसी फिल्म को सिर्फ उसके बजट या स्टार कास्ट के आधार पर स्वीकार नहीं करते। कहानी, भावनात्मक जुड़ाव और दर्शकों की पसंद के अनुरूप विषय होने पर छोटी फिल्म भी लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिक सकती है। ‘हनुमान अंश’ ने जिस तरह शुरुआती धीमी रफ्तार के बाद अपनी कमाई बढ़ाई, वह फिल्म के निर्माताओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब फिल्म के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी रफ्तार बनाए रखना है। 100 करोड़ क्लब से बस एक कदम दूर खड़ी ‘हनुमान अंश’ अगर यह आंकड़ा पार कर लेती है, तो यह न केवल फिल्म के लिए बल्कि कम बजट में डिवोशनल सिनेमा बनाने वाले निर्माताओं के लिए भी बड़ी सफलता मानी जाएगी।



