
रायपुर। छत्तीसगढ़ की युवा नृत्य प्रतिभा श्रीनिता बक्षी ने शास्त्रीय नृत्य की विधा कथक में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। रायपुर स्थित संगीत कला अकादमी की छात्रा श्रीनिता को ‘नटवर गोपीकृष्ण पुरस्कार’ एवं ‘नृत्य लहरी महोत्सव 2026’ के अंतर्गत प्रतिष्ठित ‘नृत्य हिरण्मयी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के कला जगत में हर्ष का माहौल है।

भारत सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस समारोह में श्रीनिता बक्षी को कथक में उनकी शानदार प्रस्तुति के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में मिली इस उपलब्धि ने उनकी प्रतिभा को एक नई पहचान दी है। यह सम्मान न केवल श्रीनिता के लिए, बल्कि उनकी संस्था संगीत कला अकादमी और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

इसी आयोजन में संगीत कला अकादमी की एक अन्य छात्रा आदिश्री घोष को भी ‘नंदी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि से अकादमी में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण है।
गुरु डॉ. संगीता कापसे के मार्गदर्शन में निखरी प्रतिभा
श्रीनिता बक्षी की इस सफलता के पीछे उनकी गुरु डॉ. संगीता कापसे का कुशल मार्गदर्शन, अनुशासित प्रशिक्षण और शास्त्रीय नृत्य के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मार्गदर्शन में छात्राएं कथक की बारीकियों को सीखते हुए अपनी कला को निरंतर निखार रही हैं। श्रीनिता की यह उपलब्धि गुरु के मार्गदर्शन और शिष्या की साधना के सुंदर समन्वय को दर्शाती है।
दिसंबर में होगा ‘एक शाम कथक के नाम’ का भव्य आयोजन
संगीत कला अकादमी द्वारा शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी दिसंबर 2026 में रायपुर स्थित रंग मंदिर ऑडिटोरियम में ‘एक शाम कथक के नाम’ शीर्षक से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम डॉ. संगीता कापसे के मार्गदर्शन में आयोजित होगा।
श्रीनिता बक्षी को मिला प्रतिष्ठित ‘नृत्य हिरण्मयी पुरस्कार’ रायपुर की सांस्कृतिक प्रतिभाओं की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। श्रीनिता और आदिश्री की सफलता से छत्तीसगढ़ की शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई पहचान मिली है।



