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मरने के बाद शव को कहीं नहीं मिला आशरा, तो त्रिपाल के सहारे हुई अंतिम विदाई
मरने के बाद शव को कहीं नहीं मिला आशरा, तो त्रिपाल के सहारे हुई अंतिम विदाईग्राम पंचायत बुचिहर्दी के पवन कुमार यादव ने लोकल 18 को बताया कि उनके गांव में किसी शवदाह संस्कार के लिए आज तक मुक्तिधाम नहीं बना है. यहां न तो चबूतरा बना है और न ही शेड का निर्माण हुआ है. शेड नहीं होने के कारण तालाब के किनारे जमीन में ही दाह संस्कार किया जाता है.
ग्राम पंचायत बुचिहर्दी के पवन कुमार यादव ने लोकल 18 को बताया कि उनके गांव में किसी शवदाह संस्कार के लिए आज तक मुक्तिधाम नहीं बना है. यहां न तो चबूतरा बना है और न ही शेड का निर्माण हुआ है. शेड नहीं होने के कारण तालाब के किनारे जमीन में ही दाह संस्कार किया जाता है.
