केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने इस्तीफा किया स्वीकार

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आखिरकार अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया कि यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है।
रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वे पिछले एक महीने से मंत्री पद पर बने हुए थे। अब उनके इस्तीफे को औपचारिक मंजूरी मिलने के साथ ही उनका कार्यकाल भी समाप्त हो गया है।
राज्यसभा चुनाव में नहीं मिला दोबारा मौका
भाजपा ने 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद उनके मंत्री पद को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। अब राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद उन अटकलों पर विराम लग गया है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल
रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 मार्च 2024 को कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में रेल राज्य मंत्री बनाया गया था। इससे पहले वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
तीन बार रहे लोकसभा सांसद
रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने राजनीतिक जीवन में 2009 में आनंदपुर साहिब और 2014 व 2019 में लुधियाना लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। वे पंजाब की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। उनके इस्तीफे के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।



