गणतंत्र दिवस से पूरे देश को रामलला के दर्शन का आमंत्रण श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दिया जा रहा है। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद देश के पांच लाख गांवों में घर-घर हल्दी लगा अक्षत भेज रहा है।
यह अक्षत गणतंत्र दिवस के बाद अयोध्या आने का आमंत्रण है। संघ हर रोज पांच हजार कार्यकर्ताओं को दर्शन कराने की तैयारी कर रहा है। यह दर्शन अभियान 26 जनवरी से शुरू होकर 23 फरवरी तक चलेगा। एक दिन में दो राज्यों को दर्शन कराया जाएगा।
हल्दी अक्षत के साथ एक निवेदन पत्रक भी भेजा जा रहा है। यह पत्रक देश के सभी प्रमुख भाषाओं में छापा गया है, ताकि पत्रक का संदेश रामभक्त आसानी से समझ सकें। विश्व हिंदू परिषद ने संगठन की दृष्टि से देश को 45 प्रांतों में बांट रखा है। हर राज्य में दो से तीन इकाइयां हैं। उत्तर प्रदेश में छह इकाइयां हैं। संघ सभी इकाइयों को अयोध्या दर्शन के लिए आमंत्रित करेगा।
संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि संघ ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह की कमान संभाल ली है। विभिन्न प्रांतों से करीब तीन हजार पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में कैंप किया है। इन सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। गणतंत्र दिवस से दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा। हर रोज एक या दो प्रांत के करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं को दर्शन के लिए अयोध्या बुलाया जाएगा। उनके रहने, खाने आदि के इंतजाम किए जा रहे हैं।
रामभक्तों के लिए असम से आई खाद्य सामग्री
अयोध्या में भक्तों के लिए 36 स्थानों पर भोजनालय की व्यवस्था की जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हर रोज 25 हजार भक्तों को नि:शुल्क भोजन कराने की तैयारी की जा रही है। बड़ी संख्या में समाजसेवी संस्थाएं और रामभक्त भी भक्तों की सेवा के लिए जलपान आदि का शिविर लगाने की इच्छा जता रहे हैं। यही नहीं खाद्य सामग्री भी भक्त अयोध्या भेज रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को असम से खाद्य सामग्री की पहली खेप अयोध्या पहुंची है। असम से दालचीनी, चायपत्ती, बड़ी इलायची व अन्य कई प्रकार के मसाले आए हैं, जिन्हें रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में रखा गया है।
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